Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. रामचरितमानस विवाद पर मायावती का पहला बयान, कही ये बात, पढ़ें

रामचरितमानस विवाद पर मायावती का पहला बयान, कही ये बात, पढ़ें

By इंडिया वॉइस 

Updated Date

मायावती ने विपक्ष पर निशाना साधा है। बसपा प्रमुख ने अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इस पूरे प्रकरण को भाजपा और सपा की मिलीभगत बताया है। उन्होंने कहा कि जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करना बीजेपी की पहचान है। मगर अब सपा भी उसी रास्ते पर है, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है।

पढ़ें :- गाजियाबाद त्रासदी: कोरियाई 'लव गेम' की लत ने तीन बहनों की जान ली

 

पढ़ें :- UGC समानता विनियम 2026: विवाद, विरोध और बहस

यूपी में रामचरितमानस का मुद्दा गरमाया हुआ है। बीजेपी और सपा के बीच चल रहे वार-पलटवार बीच मायावती का पहला बयान आया है। बसपा प्रमुख ने अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इस पूरे प्रकरण को भाजपा और सपा की मिलीभगत बताया है। उन्होंने कहा कि जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करना बीजेपी की पहचान है। मगर अब सपा भी उसी रास्ते पर है, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है।

सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए बसपा सुप्रीमों ने कहा कि रामचरितमानस के खिलाफ सपा नेता की टिप्पणी पर उठे विवाद और फिर उसे लेकर भाजपा की प्रतिक्रियाओं के बावजूद सपा नेतृत्व की चुप्पी से स्पष्ट है कि इसमें दोनों पार्टियों की मिलीभगत है। ताकि आगामी चुनावों को जनता के ज्वलन्त मुद्दों के बजाए हिन्दू-मुस्लिम उन्माद पर पोलाराइज किया जा सके।

उन्होंने इशारों ही इशारों में अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा के हुए पिछले आम चुनाव को भी सपा-भाजपा ने षडयंत्र के तहत मिलीभगत करके धार्मिक उन्माद के जरिए घोर साम्प्रदायिक बनाकर एक-दूसरे के पूरक के रूप में काम किया। इससे ही भाजपा दोबारा से यहां सत्ता में आ गई। ऐसी घृणित राजनीति का शिकार होने से बचना जरूरी है।

Advertisement