बेंगलुरू। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को घोषणा की कि उनकी सरकार ने राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के इंप्लीमेंटेशन को रद्द करने का निर्णय लिया है।
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शिवकुमार ने लिखा, “सत्ता में आने के बाद, हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को रद्द करने का वादा किया था और हम उस वादे के लिए प्रतिबद्ध हैं। कर्नाटक में सबसे पहले एनईपी लागू करने की इतनी जल्दी क्या है ? क्या गुजरात और उत्तर प्रदेश में एनईपी लागू नहीं हुई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक की एजुकेशन सिस्टम देश के लिए एक मॉडल है। यही कारण है कि बेंगलुरु आज आईटी कैपिटल है। हमारी शिक्षा प्रणाली के कारण ही राज्य के कई लोग विदेशों में अच्छे पदों पर हैं। इससे पहले सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि राज्य में अगले एकेडमिक ईयर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) रद्द कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पिछली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार द्वारा लागू की गई एनईपी अगले शैक्षणिक वर्ष से पूरी तरह से रद्द कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ जरूरी तैयारियां करके एनईपी को खत्म करना होगा। जब चुनाव नतीजे आए और सरकार बनी तब तक एकेडमिक ईयर शुरू हो चुका था। साल के मिड में छात्रों को असुविधा से बचाने के लिए एनईपी को इस साल भी जारी रखा गया है।