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12 लाख सालाना कमाने वालों की हुई बल्ले-बल्ले, नए टैक्स नियमों ने दी बड़ी राहत

By HO BUREAU 

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नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब सालाना लगभग 12 लाख रुपये तक कमाने वाले लोगों को आयकर में बड़ी राहत मिल रही है, जिससे उनकी जेब पर बोझ कम हुआ है और खर्च करने की क्षमता बढ़ी है।

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सरकार द्वारा लागू नई कर व्यवस्था के तहत ऐसे करदाताओं को विशेष रिबेट दिया जा रहा है, जिसके कारण उनकी कुल कर देनदारी शून्य तक हो सकती है। इसका सीधा लाभ नौकरीपेशा लोगों और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को मिल रहा है, जो अब अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बचा पा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, नई टैक्स व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की कर योग्य आय पर धारा 87A के तहत छूट मिलती है। इसके अलावा, वेतनभोगी कर्मचारियों को मिलने वाली स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़ने पर यह सीमा प्रभावी रूप से लगभग 12.75 लाख रुपये तक पहुंच जाती है, यानी इस आय तक कोई टैक्स नहीं देना पड़ सकता।

इस बदलाव का असर बाजार और उपभोक्ता खर्च पर भी देखने को मिल रहा है। जब लोगों के पास अधिक डिस्पोजेबल इनकम होती है, तो वे घर, गाड़ी, शिक्षा और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में ज्यादा खर्च करते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है।

नौकरीपेशा युवाओं और मिडिल क्लास परिवारों के लिए यह फैसला किसी राहत पैकेज से कम नहीं है। पहले जहां 10-12 लाख की आय पर अच्छी-खासी टैक्स देनदारी बन जाती थी, वहीं अब वही आय वर्ग बिना टैक्स दिए अपने वित्तीय लक्ष्यों जैसे घर खरीदना, निवेश करना या बचत बढ़ाना आसान समझ रहा है।

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हालांकि, विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि करदाता नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था की तुलना करके ही विकल्प चुनें, क्योंकि कुछ मामलों में पुरानी व्यवस्था में मिलने वाली कटौतियां अब भी फायदेमंद हो सकती हैं।

कुल मिलाकर, 12 लाख रुपये सालाना कमाने वाले लोगों के लिए यह समय आर्थिक रूप से “मौज” का साबित हो रहा है। सरकार की इस नीति ने मध्यम वर्ग को राहत देने के साथ-साथ देश की खपत आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने का काम किया है।

सपन दास

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