Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. दिल्ली के भविष्य की नई तस्वीर तैयार, खट्टर-रेखा गुप्ता-संधू की मौजूदगी में मास्टर प्लान जारी

दिल्ली के भविष्य की नई तस्वीर तैयार, खट्टर-रेखा गुप्ता-संधू की मौजूदगी में मास्टर प्लान जारी

By HO BUREAU 

Updated Date

दिल्ली के भविष्य की नई तस्वीर तैयार, खट्टर-रेखा गुप्ता-संधू की मौजूदगी में मास्टर प्लान जारी

Delhi : दिल्ली के भविष्य के विकास को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ जारी कर दिया है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 20 अगस्त 2026 को इस योजना का अनावरण किया। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। खट्टर ने इसे दिल्ली के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए राजधानी को वर्ल्ड-क्लास शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

पढ़ें :- 'वंदे मातरम' विवाद पर अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा - 'ऐतिहासिक भूल दोहरा रही...'

मास्टर प्लान में बढ़ती आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवास, सार्वजनिक परिवहन, शिक्षा, रोजगार और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई बड़ी योजनाएं शामिल की गई हैं। अनुमान है कि 2047 तक दिल्ली की आबादी करीब 3.2 करोड़ तक पहुंच सकती है। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए शहर के बुनियादी ढांचे को बड़े स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

यह भी पढ़ें : राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर सोनिया, राहुल, प्रियंका और खरगे ने दी श्रद्धांजलि

40 लाख तक नए फ्लैट

योजना के तहत आने वाले वर्षों में दिल्ली में करीब 30 से 40 लाख नए फ्लैट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें किफायती आवासों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा। इसका उद्देश्य बढ़ती आबादी और आवास की मांग के बीच संतुलन बनाना है।

पुराने घरों का होगा पुनर्विकास

मास्टर प्लान में 50 साल से अधिक पुराने फ्लैटों और आवासीय क्षेत्रों के पुनर्विकास का भी प्रावधान है। पुराने भवनों को आधुनिक आवासीय ढांचे में बदलने के साथ सड़क, पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने की योजना है।

पढ़ें :- पैलेट गन से लेकर महिला सुरक्षा तक जंतर-मंतर हिंसा की जांच करेगी सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी

मेट्रो और RRTS का विस्तार

दिल्ली के मौजूदा करीब 416 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क को बढ़ाकर 695 किलोमीटर तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ छह नए RRTS रूट विकसित करने की योजना भी सामने आई है। इससे दिल्ली और एनसीआर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

तीन बड़े ट्रांजिट हब

सराय काले खां, आनंद विहार और कश्मीरी गेट को प्रमुख मल्टी-मोडल ट्रांजिट हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। यहां मेट्रो, बस और अन्य परिवहन साधनों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर रहेगा।

नरेला में एजुकेशन हब

नरेला में 138 हेक्टेयर क्षेत्र में एजुकेशन और रिसर्च हब विकसित करने का प्रस्ताव है। इसमें विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, कौशल विकास केंद्रों और स्टार्टअप से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

उद्योग और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा

मास्टर प्लान में हाईवे, रेलवे और शहरी सड़कों से जुड़े आधुनिक औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र विकसित करने की योजना है। वेयरहाउस, वितरण केंद्र और माल ढुलाई की सुविधाएं बढ़ने से सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने, कुछ क्षेत्रों को छोड़कर इमारतों की ऊंचाई संबंधी बाध्यताओं में बदलाव और क्लाउड किचन को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। कुल मिलाकर, मास्टर प्लान 2047 का फोकस बढ़ती आबादी के अनुरूप दिल्ली में आवास, परिवहन और आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार करना है।

पढ़ें :- 'यह पहली बार नहीं...', अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर बोलीं महबूबा मुफ्ती

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त सभी विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इन्हें केवल वेब पोर्टल पर प्रकाशन हेतु संपादित एवं व्यवस्थित किया गया है। मूल भाव, आशय एवं तथ्यों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इस लेख में व्यक्त विचारों, मतों अथवा उनसे उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष परिणाम के लिए वेब पोर्टल अथवा उसके प्रकाशक किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होंगे।

अरविंद कुमार

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।   

 

पढ़ें :- दिल्ली SIR पर बड़ा अपडेट, 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल और 4 नवंबर को फाइनल वोटर लिस्ट
Advertisement