राजधानी की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी
दिल्ली सरकार और दिल्ली मेट्रो 2026 में राजधानी की यातायात तस्वीर बदलने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। मेट्रो फेज-4 के विस्तार के साथ शहर में नए कॉरिडोर, नए स्टेशन और बेहतर कनेक्टिविटी का वादा किया गया है। यह विस्तार केवल दूरी जोड़ने का काम नहीं करेगा, बल्कि रोज़मर्रा की आवाजाही को आसान बनाने का लक्ष्य रखता है।
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फेज-4: काम की रफ्तार और ज़मीनी हकीकत
फेज-4 परियोजना के तहत कई अहम हिस्सों में निर्माण कार्य निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उत्तर, मध्य और दक्षिण दिल्ली को जोड़ने वाले नए रूट्स पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का दावा है कि 2026 के अंत तक इस चरण के अधिकांश हिस्से यात्रियों के लिए खोल दिए जाएंगे, जिससे मेट्रो नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा।
नए कॉरिडोर, नई राहत
1. स्मूद कनेक्टिविटी: दूर-दराज़ के इलाकों को सीधे मेट्रो से जोड़ने की योजना।
2. जाम से निजात: सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद।
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3. पर्यावरण को फायदा: पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ने से प्रदूषण में गिरावट।
4. समय की बचत: लंबी यात्राएं अब कम समय में पूरी होंगी।
मेट्रो: सिर्फ सफर नहीं, शहर की ज़रूरत
दिल्ली मेट्रो अब केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि राजधानी की जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी है। हर दिन लाखों लोग इस पर निर्भर हैं और नए विस्तार के साथ यह निर्भरता और बढ़ेगी। 2026 का यह विस्तार दिल्ली को एक ज्यादा स्मार्ट, तेज़ और टिकाऊ शहर की ओर ले जाता दिख रहा है।