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अहमदाबाद में टूटा ‘मनहूस मैदान’ का मिथक 8 मार्च 2026 को भारत ने रचा विश्व विजेता बनने का नया इतिहास

8 मार्च 2026 की रात भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे भावनात्मक पलों में दर्ज हो गई। जिस मैदान को कभी "मनहूस" कहा गया था, उसी मैदान पर टीम इंडिया ने साबित कर दिया कि हौसले के सामने कोई अपशकुन टिक नहीं सकता।

By HO BUREAU 

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8 मार्च 2026 की रात भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे भावनात्मक पलों में दर्ज हो गई। जिस मैदान को कभी “मनहूस” कहा गया था, उसी मैदान पर टीम इंडिया ने साबित कर दिया कि हौसले के सामने कोई अपशकुन टिक नहीं सकता। अहमदाबाद के विशाल स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूज़ीलैंड को 96 रन से हराकर इतिहास रच दिया। यह जीत केवल एक मैच नहीं थी, बल्कि महीनों की आलोचनाओं और शंकाओं का करारा जवाब थी।

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वो डर जो बेबुनियाद निकला

विशेषज्ञों का मानना था कि अनुशासित न्यूज़ीलैंड को हराना आसान नहीं होगा। ऊपर से यही वो मैदान था जहाँ 2023 के वनडे फाइनल में भारत को दर्दनाक हार मिली थी। कइयों ने इसे “अनलकी ग्राउंड” कह दिया। लेकिन इतिहास बदलने के लिए ही नए मैच खेले जाते हैं।

बल्लेबाज़ों का तूफान

न्यूज़ीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी, लेकिन भारत ने 20 ओवर में 255/5 का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। एक सलामी बल्लेबाज़ ने 21 गेंदों में 52 रन ठोके, फिर एक विकेटकीपर बल्लेबाज़ ने 46 गेंदों में 89 रन की तूफानी पारी खेली। मध्यक्रम ने भी रन गति बनाए रखी।

गेंदबाज़ों का कहर

256 के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूज़ीलैंड टीम शुरुआत से ही दबाव में रही। भारत के तेज़ गेंदबाज़ ने 4 विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता, जबकि एक स्पिनर ने 3 विकेट चटकाए। न्यूज़ीलैंड की पूरी टीम 159 रन पर सिमट गई।

रिकॉर्ड्स की झड़ी

भारत ने तीसरी बार टी20 विश्व कप जीता। पहली बार किसी टीम ने खिताब का सफल बचाव किया और पहली बार मेज़बान देश ने यह टूर्नामेंट अपने नाम किया।
86 हज़ार दर्शकों की गूंज, तिरंगे की लहरें, और “India-India” के नारों ने उस पुराने दर्द को हमेशा के लिए मिटा दिया।
वो मैदान अब मनहूस नहीं रहा।

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✍️सपन दास  

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