Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. ‘एक संवैधानिक संस्था पूरी तरह कार्यपालिका के नियंत्रण में…’, चुनाव आयोग को लेकर ओवैसी का बयान

‘एक संवैधानिक संस्था पूरी तरह कार्यपालिका के नियंत्रण में…’, चुनाव आयोग को लेकर ओवैसी का बयान

By HO BUREAU 

Updated Date

Owaisi : 'एक संवैधानिक संस्था पूरी तरह कार्यपालिका के नियंत्रण में...', चुनाव आयोग को लेकर ओवैसी का बयान

Owaisi : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर दावा किया कि Special Intensive Revision (SIR) पिछले दरवाजे से National Register of Citizens (NRC) लागू करने की प्रक्रिया है। उन्होंने रविवार को लोगों से SIR के तहत जारी किए जा रहे नोटिस का जवाब देने की अपील की। हैदराबाद के सांसद ने कहा कि जिन लोगों को नोटिस मिला है, उन्हें इसे पूरी गंभीरता से लेना चाहिए।

पढ़ें :- Bihar News : SIR को लेकर CM सम्राट चौधरी का विपक्ष पर हमला, कहा-आरोपों के बजाय तथ्य के साथ आएं

उन्होंने मीडिया से कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कह चुके हैं कि NRC लागू किया जाएगा। संभव है कि NRC को SIR के तहत तैयार की गई मतदाता सूची के आधार पर कराया जाए।”ओवैसी ने नोटिस पाने वाले लोगों से अपील की कि वे नोटिस का जवाब दें, दस्तावेजों के साथ सुनवाई केंद्रों पर जाएं और फॉर्म-6 भरें। उन्होंने कहा, “आप न केवल अपना वोट देने का अधिकार खो सकते हैं, बल्कि आपकी नागरिकता भी खतरे में पड़ सकती है।”

ओवैसी ने कहा कि बीजेपी ने एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक आयोग बनाया है, जो उन इलाकों का दौरा करेगा जहां जनसांख्यिकीय बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा, “वे उन जगहों का दौरा करेंगे जहां SIR पूरा हो चुका है। वे अंतिम सूची देखेंगे और अवैध प्रवासियों को पकड़ा जाएगा।” भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को लेकर चल रहे मौजूदा विवाद पर ओवैसी ने कहा कि एक संवैधानिक संस्था पूरी तरह कार्यपालिका के नियंत्रण में चली गई है।

उन्होंने संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित विधेयक पर चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने सरकार से कहा था कि प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता वाले पैनल के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की व्यवस्था संसद की नजरों में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को कमजोर कर रही है।उन्होंने कहा कि इस कानून में मुख्य न्यायाधीश (CJI) की जगह केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया है।

ओवैसी ने सवाल उठाया, “मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए बनाया गया कानून सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में होगा, है ना? सरकार को सोचना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ और यह कैसे हो रहा है।”ओवैसी ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने बताया था कि उनसे सलाह नहीं ली जा रही थी और न ही उनकी सहमति ली जा रही थी।

पढ़ें :- प्रवेश वर्मा के थप्पड़ कांड पर राहुल गांधी बोले- भाजपा को वोटर से डर लगना बंद हो गया है

इसी वजह से उन्होंने कई बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर सांसद ने कहा कि सरकार को सभी पूर्व चुनाव आयुक्तों की राय लेते हुए कानून में संशोधन करना चाहिए। AIMIM प्रमुख ने SIR के दौरान नोटिस पाने वाले लोगों के घरों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के जाने के फैसले की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि BLO के लिए घर-घर जाकर नोटिस देना एक बहुत मुश्किल काम है और आशंका जताई कि इस प्रक्रिया में कई वास्तविक मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं।

ओवैसी ने कहा कि SIR के पिछले चरण में भी BLO नोटिस पहुंचाने में विफल रहे थे। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के लिए किसी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर सवाल पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा, “अगर किसी के साथ गठबंधन होता है तो हम आपको बता देंगे।”INDIA ब्लॉक की बैठक को लेकर ओवैसी ने कहा, “मैं न NDA का हिस्सा हूं, न INDIA गठबंधन का। मैं न NDA में हूं, शुक्र है, और न ही INDIA गठबंधन में, शुक्र है… एक तरफ NDA है, दूसरी तरफ INDIA गठबंधन है और बीच में AIMIM है।”

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें। 

पढ़ें :- Asian Games 2026 : डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज के साथ तेजस्विन शंकर ने रचा इतिहास, इवेंट में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बने
Advertisement