नई दिल्ली, 10 जुलाई 2022। श्रीलंका के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। जरूरतों की चीजों की कीमतों में तेजी से इजाफा हो रहा है। देश की जनता सड़को पर उतर आई है। वहीं शनिवार को जनता ने गुस्से में राष्ट्रपति भवन को अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं पीएम आवास पर भी आग लगा दी है। गृह युद्ध की इस स्थिति में भी भारत आज भी उनके साथ खड़ा है।
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आर्थिक परेशानी झेल रहे श्रीलंका को भारत ने आश्वासन दिया है। भारत के विदेश मंत्री ने एस जयशंकर ने कहा कि हमने उनका पहले भी साथ दिया है और आज भी श्रीलंका के साथ खड़े हैं। भारत उनकी हर संभव मदद करने की कोशिश करेगा। श्रीलंका अपनी समस्या पर काम कर रहा है। फिलहाल अभी श्रीलंका में कोई शरणार्थी संकट नहीं है।
श्रीलंका में भारत के हाई कमिश्नर की तरफ से बयान दिया गया है, इस विषम परिस्थिति में भी भारत अपनी दोस्ती का फर्ज निभाएगा और आज हम श्रीलंका की जनता के साथ खड़े हैं।
अन्य कोई भी देश सहायता के लिए आगे नहीं आया
श्रीलंका की आर्थिक तंगी व हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद भी दुनिया का कोई भी देश उनकी सहायता या मदद के लिए आगे नहीं आया है। जबकि पड़ोसी देश होने के चलते भारत ने कहा है कि वह श्रीलंका की हर तरह से मदद करेगा।
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सभी कैबिनेट मंत्री देंगे इस्तीफ
श्रीलंका में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद वहां के पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद विदेश मंत्री ने भी अपना इस्तीफा दे दिया। धीरे धीरे करके विक्रमसिंघे कैबिनेट के सभी मंत्री अपना इस्तीफा देंगे। उसके बाद 13 अगस्त को राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे अपना इस्तीफा सौंपेंगे।