Joshimath Crisis: उत्तराखंड सरकार ने बुधवार को जोशीमठ में प्रत्येक प्रभावित परिवार को 1.5 लाख रुपये की अंतरिम राहत देने की घोषणा की। पीड़ित परिवारों को शिफ्ट होने के तुरंत बाद 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। जोशीमठ में अब तक 723 घरों में दरारें आ चुकी हैं। प्रशासन द्वारा 131 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
पढ़ें :- अंकिता की आवाज़ अदालत तक पहुँची: जब जनदबाव ने CBI जांच का रास्ता खोला
यह बात मुख्यमंत्री की सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने जोशीमठ में एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भूस्खलन से प्रभावित भवनों का सर्वे किया जा रहा है। लोगों को टूटे भवनों से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को अंतरिम सहायता के रूप में 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे, जिनमें से 50 हजार रुपये हाउस शिफ्टिंग के लिए और एक लाख रुपये आपदा राहत के लिए दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री @pushkardhami जी द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रभावित परिवारों को तात्कालिक तौर पर ₹1.5 लाख की धनराशि अंतरिम सहायता के रूप में दी जा रही है।
— Office Of Pushkar Singh Dhami (@OfficeofDhami) January 11, 2023
पढ़ें :- फाइलों की राजनीति: ED की रेड, ममता की एंट्री और सत्ता का खुला टकराव
कहा कि जोशीमठ में भू-धंसाव से बुरी तरह प्रभावित दो होटलों को गिराने के आदेश दिए गए हैं। ये होटल आसपास की इमारतों के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं। इसके अलावा फिलहाल किसी की बिल्डिंग नहीं तोड़ी जा रही है। सरकार प्रभावित लोगों को हर संभव सुविधा उपलब्ध करा रही है। जो लोग किराए के मकान में जाना चाहते हैं, उन्हें ₹4000 प्रति माह 6 माह तक दिए जाएंगे।
इससे पहले उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बैठक करते हुए स्पष्ट किया कि भूस्खलन से प्रभावित लोगों को बाजार दर पर मुआवजा दिया जाएगा. अब तक 723 इमारतों की पहचान की गई है जिनमें दरारें आ गई हैं। सुरक्षा के मद्देनजर अब तक 131 परिवारों के 462 लोगों को अस्थाई राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है.