राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आज से शुरू हो रही है. प्रयागराज से करीब 30 किलोमीटर दूर गौहनिया इलाके में स्थित जयपुरिया स्कूल कैंपस में यह बैठक होगी. 4 दिनों तक चलने वाली इस बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. इसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबोले समेत संघ के सभी प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहेंगे. बैठक में शामिल होने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत 3 दिन पहले ही प्रयागराज आ चुके हैं.
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संघ सूत्रों के मुताबिक बैठक में सामाजिक समरसता और जाति-वर्ण मुक्त समाज की स्थापना का लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरे एक दिन की चर्चा होगी, चर्चा के बाद इसके लिए जरूरी अभियान चलाए जाने की रूपरेखा तैयार की जाएगी. संघ का मानना है कि ऐसे अभियानों के जरिए उसका समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने का लक्ष्य भी पूरा हो जाएगा. दरअसल संघ की योजना शताब्दी वर्ष तक दलितों के बीच अपनी मजबूत पैठ बनाने की है.
कई स्तर पर चलेगा अभियान
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संघ का पूरा फोकस 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए मजबूत सियासी जमीन तैयार करनी है. इसके तहत तीन बिंदुओं पर खास फोकस किया जाना है, जिसमें सबसे पहला है महिलाओं का सशक्तिकरण कर उन्हें संघ सरकार व बीजेपी के करीब लाना. दूसरा है जातियों में बटे हिंदू समाज को राष्ट्रवाद के नाम पर इकट्ठा करना और हिंदुत्ववादी व राष्ट्रवादी विचारधारा वाली पार्टी के करीब लाना. तीसरा सबसे अहम मुद्दा है मुसलमानों में संघ और बीजेपी के प्रति फैले भ्रम को दूर कर उनसे सीधे तौर पर संवाद स्थापित करना. माना यह जा रहा है कि संघ की तरफ से बीजेपी के लिए यह सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक होगा. इस मास्टर स्ट्रोक के जरिए संघ न सिर्फ बीजेपी को लोकसभा चुनाव में मजबूती देना चाहेगा, बल्कि विपक्षी पार्टियों की रणनीति को भी चारों खाने चित करना भी होगा.सामाजिक समरसता और जाति-वर्ण व्यवस्था के खिलाफ अभियान कई स्तर पर चलेगा. खासतौर पर ग्रामीण अंचलों में स्वयंसेवक सभी वर्गों का पूजास्थलों तक पहुंच, एक ही जगह सभी वर्गों का अंतिम संस्कार और एक ही जलस्रोत से सभी वर्गों के पानी पीने के लिए अभियान में तेजी लाएगा. इसके साथ ही सभी गांवों में शाखा लगाने की गुंजाइश भी तलाशी जाएगी जिनमें युवाओं को प्रेरित किया जाएगा.