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‘अगर जरूरत पड़ी तो मैं भी जाऊंगा…’, रांची में हो रहे छात्र प्रदर्शन को लेकर बोले उद्धव ठाकरे

By HO BUREAU 

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'अगर जरूरत पड़ी तो मैं भी जाऊंगा...', रांची में हो रहे छात्र प्रदर्शन को लेकर बोले उद्धव ठाकरे

Uddhav Thackeray : रांची में हो रहे छात्र प्रदर्शन को लेकर उद्धव ठाकरे का बयान आया है। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी बच्चों के साथ अन्याय हुआ है। उनकी बात सरकार को सुननी चाहिए। अगर जरूरत पड़ी तो मैं भी जाऊंगा। “मैं जब सरकार में था तो मुझे कहते थे कि मैं फैसबुक से सरकार चलाता हूं, लेकिन अब खुद इंस्टग्राम से सरकार चलाने लगे हैं। वो गद्दार जिन्होंने शिवसेना छोड़कर ‘शाह सेना’ बनाया है।”

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उन्होंने कल जाकर पीएम से मुलाकात की। पीएम को उनसे मिलने का टाइम है, लेकिन युवाओं से मिलने का टाइम नहीं है। आप इन गद्दारो से मिलते हैं, लेकिन युवाओं से नहीं मिल पाए।

उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने युवाओं से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी बात युवा सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। युवा उनसे कह रहे हैं कि आप प्रवचन क्यों दे रहे हैं। युवा कह रहे है कि आप अमित शाह का इस्तीफा लें।

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‘न्यायालय पर पूरा भरोसा…’

पूर्व सीएम ने कहा कि पिछले 4 साल से शिवसेना मामले की सुनवाई लंबित है। हमारी अपेक्षा बस इतनी है कि संविधान के हिसाब से फैसला हो। न्यायालय पर पूरा भरोसा है। हम कोर्ट में यह मुद्दा रखेंगे कि जब यह मामला चल रहा है। उस दौरान पीएम से मिलना मामले को प्रभावित करता है। जिसको संविधान बचाना है, जो संविधान के साथ हैं, वो हमारे साथ रहेंगे। मुझे दूसरों की पार्टी पर नहीं बोलना है।

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महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश में ही नहीं दुनिया में इस बात की चर्चा है कि हमारे जेन-जी ने कैसे सरकार को घुटनों पर लाया। देश में कम दबाव की हवाएं चलने लगी है। ये तूफान के आने से पहले की शांति है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की उनके साथ बात करने की हिम्मत नहीं है।

Disclaimer

यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक बयानों, आधिकारिक अभिलेखों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के विश्लेषण पर आधारित है। लेख में जिन आरोपों या दावों का उल्लेख किया गया है, उनमें से कई की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे दावों को उसी संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है और उन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

Avinay Mishra

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