फ्रांस के राष्ट्रपति (President of France) का भारतीय दौरा शुरू हुआ और यह यात्रा सिर्फ सामान्य औपचारिक मुलाक़ात नहीं है, बल्कि दोनों देश के बीच मजबूत रिश्तों, आर्थिक साझेदारियों और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग को गहरा करने वाला कदम है। यह भारत-फ्रांस के दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग को और मजबूती प्रदान करने का संकेत भी है।
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17 फरवरी 2026 को फ्रांस के राष्ट्रपति (President of France) का भारतीय दौरा शुरू हुआ और यह यात्रा सिर्फ सामान्य औपचारिक मुलाक़ात नहीं है, बल्कि दोनों देश के बीच मजबूत रिश्तों, आर्थिक साझेदारियों और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग को गहरा करने वाला कदम है। यह भारत-फ्रांस के दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग को और मजबूती प्रदान करने का संकेत भी है।
फ्रांस के राष्ट्रपति के दौरे के मुख्य उद्देश्य हैं:
फ्रांस और भारत दोनों ही लोकतांत्रिक देश हैं, और इस सहयोग को वैश्विक मंचों के लिए भी अहम माना जा रहा है। जलवायु और हरित ऊर्जा साझा प्राथमिकताफ्रांस, यूरोप के अग्रणी देशों में से एक है जो ग्रीन एनर्जी, क्लीन टेक और पर्यावरण सुरक्षा पर ज़ोर देता है।
दोनों देशों के बीच चर्चा में शामिल विषय होंगे:
इस साझेदारी का लक्ष्य है 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को प्रभावी रूप से कम करना और टेक्नोलॉजी आदान-प्रदान करना।
फ्रांस की कंपनियाँ अब आयात-निर्यात और उत्पादन दोनों क्षेत्रों में भारत को एक प्रमुख बाज़ार मानती हैं। इस दौरे में संभावित समझौतों पर बातचीत होगी:
दोनों देश पहले से ही सुरक्षा, रक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान में सहयोग कर रहे हैं अब इसका विस्तार बिज़नेस और टेक्नोलॉजी तक भी होना है।
इस दौरे में शैक्षिक संस्थानों और युवा सहयोग संगठनों को भी स्थान दिया जा रहा है। भारत-फ्रांस पहले से ही विदेशी छात्र विनिमय, शोध, कला और संस्कृति के क्षेत्र में संवर्धन कर रहे हैं, और यह दौर समान रुचियों को नए द्वार प्रदान करेगा।
फ्रांस के राष्ट्रपति का 17 फ़रवरी 2026 का दौरा सिर्फ़ औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत-फ्रांस के रिश्तों की नई शुरुआत है, जहाँ रणनीति, विकास, युवाओं के अवसर, तकनीक और वैश्विक स्थिरता सभी संगठित रूप से आगे बढ़ेंगे। यह यात्रा यह संकेत देती है कि भारत का स्थान अब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में न केवल मजबूत है, बल्कि सोच, रणनीति और साझेदारी की नयी दिशा बना रहा है।