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आज ‘वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे’ ,मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए खाएं ये 5 सुपर फूड्स

10 अक्टूबर को हर वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) मनाया जाता है,जानतें है कुछ सुपर फूड्स जो हमारी मेंटल हेल्थ को बेहतर करने में मददगार होते हैं.

By इंडिया वॉइस 

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10 अक्टूबर को हर वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है. इसकी शुरुआत 1992 में वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ की पहल पर हुई थी.विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य विश्व में मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इसके समर्थन में प्रयास करना है. ऑस्ट्रेलिया और अन्य कई देशों में मानसिक स्वास्थ्य या बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह भी मनाया जाता है.
खुद को मानसिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए फिजिकल एक्सरसाइज के साथ ही बेहतर खानपान भी जरूरी है.जानें कुछ सुपर फूड्स जो हमारी मेंटल हेल्थ को मजबूत बनाते हैं.

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साबुत अनाज – एक रिसर्च के मुताबिक ओमेगा 3 रिच सी फूड की तरह ही साबुत अनीाज भी डिप्रेशर को दूर भगाने में काफी फायदेमंद साबित होता है. ऐसे में आप अपनी डाइट में ओटमील, होल ग्रेन ब्रेड, कॉर्न, बारले और क्यूनोआ को शामिल कर सकते हैं.

बेरीज – मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए अपनी डाइट में बैरीज को भी शामिल किया जा सकता है. एक रिसर्च के अनुसार बैरीज़ खाने से मूड बेहतर करने में मदद मिलती है. इसके साथ ही ये डिप्रेशन के लक्षणों को भी कम करता है. ब्लू बैरीज के अलावा डाइट में बादाम, कद्दू के बीज आदि को भी शामिल किया जा सकता है.

प्लांट आधारित डाइट – मानसिक तौर पर खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए खानपान की आदतों में बदलाव करना जरूरी है. प्लांट आधारित डाइट लेकर हम इस समस्या से बहुत हद तक निजात पा सकते हैं. प्लांट आधारित डाइट में फल, सब्जियां, अनाज, नट्स आदि शामिल हैं.

खाने का साथ साथ अपनी रोज मरा की लाइफस्टाइल में भी सुधार लाना जरुरी हैं.

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अच्छी नींद लेना सभी के लिए आवश्यक

रात में 6-8 घंटे की निर्बाध नींद लेने वालों की तुलना में नींद विकारों या नींद न पूरी कर पाने वाले लोगों में कई प्रकार के मानसिक स्वास्थ्य विकारों का जोखिम अधिक पाया गया है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों को अच्छी नींद प्राप्त करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

स्क्रीन टाइम को कम करें

मोबाइल-टीवी, लैपटॉप या अन्य किसी भी प्रकार के स्क्रीन पर अधिक समय बिताने की आदत मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है. स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी को शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क और हार्मोन्स के सामान्य कार्यप्रणाली के लिए काफी नुकसानदायक पाया है.

नियमित योग-व्यायाम बहुत आवश्यक

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व्यायाम आपके तनाव को दूर करने, मूड को बेहतर रखने, चीजों को बेहतर ढंग से करने और अच्छी नींद पाने में मदद करता है. अध्ययनों में पाया गया है कि अवसाद और चिंता जैसे विकारों के लक्षण को कम करने में भी नियमित योग-व्यायाम की आदत विशेष लाभकारी मानी जाती है,दिनचर्या में योग-व्यायाम को शामिल करके मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की सेहत को बेहतर रखा जा सकता है.

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