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भारत-ग्रीस संबंधों में नया अध्याय: पहली बार ‘सैनिक स्तर पर’ सीधी वार्ता

By HO BUREAU 

Updated Date

Military diplomacy between India and Greece

भारत और ग्रीस के संबंधों में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ आया है। दोनों देशों के बीच पहली बार सैनिक स्तर पर औपचारिक वार्ता हुई है, जिसे रक्षा और रणनीतिक सहयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

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सुरक्षा सहयोग की बढ़ती ज़रूरत

बदलते वैश्विक हालात, क्षेत्रीय अस्थिरता और उभरती सुरक्षा चुनौतियों के बीच देशों के लिए आपसी सैन्य सहयोग अब अनिवार्य होता जा रहा है। इसी संदर्भ में भारत और ग्रीस की यह वार्ता दोनों देशों की साझा चिंताओं और रणनीतिक हितों को दर्शाती है।

किन मुद्दों पर हुई चर्चा

इस सैनिक स्तर की बातचीत में प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास, तकनीकी सहयोग और रक्षा क्षमताओं के आदान-प्रदान जैसे विषयों पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य में संयुक्त अभ्यास और नियमित संवाद से आपसी भरोसा और मज़बूत किया जाएगा।

भारत की वैश्विक रणनीति का हिस्सा

यह पहल भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत वह यूरोप और भूमध्यसागर क्षेत्र में अपने रक्षा और कूटनीतिक संबंधों को सुदृढ़ कर रहा है। ग्रीस के साथ बढ़ता सहयोग भारत की बहुपक्षीय विदेश नीति को और मजबूती देता है।

भविष्य की दिशा

विशेषज्ञों के अनुसार, यह वार्ता आने वाले समय में रक्षा साझेदारी, सैन्य प्रशिक्षण और रणनीतिक समन्वय को नई ऊँचाई दे सकती है। इससे न केवल दोनों देशों के संबंध गहरे होंगे, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा ढांचे में भी सकारात्मक योगदान मिलेगा।

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निष्कर्ष

भारत और ग्रीस के बीच पहली सैनिक स्तर की वार्ता केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि दो भरोसेमंद साझेदारों के बीच भविष्य के सहयोग की नींव है। यह कदम दर्शाता है कि भारत अब रक्षा कूटनीति के ज़रिये वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और सशक्त बना रहा है।

सपन दास   

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