लखनऊ : गोरखनाथ मंदिर के मुख्य गेट पर तैनात दो सुरक्षाकर्मियों पर रविवार देर रात को हुए हमले के मामले की एटीएस ने जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी घटना को आतंकी कनेक्शन अथवा फिर कोई बड़ी साजिश मान कर तहकीकात कर रही है। हालांकि इसको लेकर एटीएस की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है, लेकिन पकड़े गए आरोपित के लैपटॉप में कई संदिग्ध गतिविधियां और बम बनाने जैसी जानकारी मिलने की बात सामने आ रही है।
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अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने प्रकरण की जांच एटीएस को सौंपे जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि गोरखपुर की घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच एटीएस को सौंपी गई है।
गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाही गोपाल गौड़ और अनिल पासवान पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। उनके पैर में गंभीर चोटें आईं हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरक्षाकर्मियों की मानें तो आरोपित शख्स गोरखनाथ मंदिर परिसर में घुसना चाहता था, मना करने पर उसने हमला कर दिया। सिपाही ने उसे धर दबोचा। पूछताछ में आरोपित ने अपना नाम अहमद मुर्तजा अब्बासी बताया। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। उसके पास मिले लैपटॉप से कुछ संदिग्ध जानकारियां मिली हैं, जो आतंकी गातिविधियों से जोड़कर देखी जा रही हैं। आरोपित मुर्तजा आईआईटी मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक है।