पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। हालिया एग्जिट पोल्स में दावा किया जा रहा है कि राज्य की 6 में से 5 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बढ़त बनाए हुए है। इन आंकड़ों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है और “BJP की
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पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। हालिया एग्जिट पोल्स में दावा किया जा रहा है कि राज्य की 6 में से 5 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बढ़त बनाए हुए है। इन आंकड़ों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है और “BJP की
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पश्चिम बंगाल में आज दूसरे चरण के तहत 142 विधानसभा सीटों पर मतदान शुरू हो गया है। राज्य की राजनीति में यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इन सीटों का परिणाम सत्ता की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। सुबह से ही कई जिलों
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नई दिल्ली: देश की राजनीति में ऐसा उलटफेर कम ही देखने को मिलता है, जब एक साथ किसी पार्टी के बड़े चेहरे और उसके सांसद दूसरी पार्टी का दामन थाम लें। लेकिन इस बार जो हुआ, उसने पूरे सियासी गलियारे को हिला दिया है। Raghav Chadha ने अचानक आम आदमी
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West Bengal Election 2026: 23 अप्रैल 2026 West Bengal की सियासत इस वक्त उबाल पर है। पहले चरण की वोटिंग के बाद जो माहौल बन रहा है, वो सिर्फ “हवा” नहीं बल्कि डेटा ग्राउंड रिपोर्ट्स का मिला-जुला संकेत है। कई मीडिया हाउस दावा कर रहे हैं कि Bharatiya Janata Party
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पश्चिम बंगाल में आगामी दो चरणों के मतदान से ठीक पहले जिस तरह का “चुनावी सन्नाटा” देखने को मिल रहा है, उसने राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनता दोनों को चौंका दिया है। आमतौर पर यहां चुनाव का मतलब होता है हर गली, हर चौराहे पर झंडे, बैनर और जोरदार प्रचार
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पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की धरती माने जाने वाले इस राज्य में भारतीय जनता पार्टी का सपना लंबे समय से अपनी मजबूत पकड़ बनाने का रहा है। जनसंघ के दौर से ही बंगाल को वैचारिक रूप
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। यह संकीर्ण समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति रास्तों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक कच्चा तेल गुजरता है। भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर
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पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय फिर से दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है, जहां हुगली नदी के प्रतीक के माध्यम से सत्ता की जंग को समझा जा सकता है। एक ओर Mamata Banerjee की अगुवाई में तृणमूल कांग्रेस (TMC) है, जो लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के बाद अपनी
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महिलाओं को राजनीति में समान भागीदारी दिलाने के उद्देश्य से लाया गया महिला आरक्षण विधेयक लंबे समय से चर्चा और विवाद का विषय रहा है। हालांकि यह विधेयक कई बार संसद में प्रस्तुत हुआ, लेकिन इसे पारित कराने में राजनीतिक सहमति की कमी सबसे बड़ी बाधा बनी। सबसे प्रमुख कारणों
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West Bengal की राजनीति हमेशा से ही देश की सबसे सक्रिय और बहुआयामी राजनीतिक धाराओं में से एक रही है। वर्तमान समय में राज्य की राजनीति मुख्य रूप से Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली All India Trinamool Congress (टीएमसी) और Bharatiya Janata Party (भाजपा) के बीच केंद्रित है। आने वाले
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अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे मौजूदा संघर्ष में एक दिलचस्प और चिंताजनक पहलू सामने आ रहा है अमेरिका द्वारा लगातार मिसाइल हमले किए जाने के बावजूद ईरान हर बार “रक्तबीज” की तरह फिर से खड़ा होता दिखाई दे रहा है। यह स्थिति न केवल युद्ध की जटिलता को
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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के भीतर इन दिनों अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ रही है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और पार्टी के कुछ सांसदों (MP) व विधायकों (MLA) के बीच चल रही जुबानी जंग ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। यह विवाद न केवल पार्टी की एकजुटता
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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का आगाज़ हो चुका है और पूरे देश में क्रिकेट का रोमांच चरम पर है। दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग मानी जाने वाली आईपीएल हर साल की तरह इस बार भी नए जोश, नई रणनीतियों और युवा प्रतिभाओं के साथ दर्शकों को बांधने के
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दिल्ली की राजनीति में हलचल मचाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस को उसके ऐतिहासिक मुख्यालय 24, अकबर रोड को खाली करने का नोटिस दिया गया है- वह भी तय समय सीमा के साथ। सरकारी नियमों के तहत जारी इस नोटिस ने
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मार्च 2026 के आते-आते पश्चिम बंगाल की राजनीति पूरी तरह चुनावी माहौल में ढल चुकी है। राज्य विधानसभा का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त होने वाला है, इसलिए मार्च से ही चुनावी तैयारियाँ अपने चरम पर पहुंच गई हैं। राजनीतिक दलों की रैलियाँ, रोड शो और जनसभाएँ लगातार बढ़ रही