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रामकाज में कालनेमि बनकर घुसेंगे बाबरी के भक्त, पहचानें उनकी साजिश : CM योगी

By HO BUREAU 

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UP News : रामकाज में कालनेमि बनकर घुसेंगे बाबरी के भक्त, पहचानें उनकी साजिश : CM योगी

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राम मंदिर आंदोलन के विरोधियों पर निशाना साधते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि रामकाज में कालनेमि भी घुसेंगे। बाबरी के भक्त कालनेमि बनकर आंदोलन को अपमानित और बदनाम करने की कोशिश करेंगे। इन्हें पहचानकर इनकी साजिशों को सफल नहीं होने देना है।

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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो लोग कभी राम मंदिर का विरोध करते थे और रामभक्तों पर गोलियां चलाते थे, आज वही खुद को रामभक्त बताने का प्रयास कर रहे हैं। यह विश्व हिन्दू परिषद की वैचारिक विजय है। मुख्यमंत्री योगी लखनऊ में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रणेता और विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रद्धेय अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी महोत्सव के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह में अशोक सिंघल के जीवन, संघर्ष और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 1528 में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर तोड़े जाने के बाद करीब 500 वर्षों तक हिंदू समाज ने उसकी मुक्ति के लिए संघर्ष किया। संतों, नागाओं, सिख वीरों, युवाओं और महिलाओं ने बलिदान दिए। समाज में सामर्थ्य था, लेकिन ताकत बिखरी थी। इसे एक मंच पर लाने का काम अशोक सिंघल ने किया।

उन्होंने कहा कि 1982 में विश्व हिन्दू परिषद का दायित्व मिलने और 1983 में श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के गठन के बाद रामकाज अशोक सिंघल के जीवन का ध्येय बन गया। देश हो या विदेश, वनवासी क्षेत्र हो या दलित बस्ती, उनके मुख पर राम का नाम रहता था। राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम को उन्होंने अपने जीवन में उतारा।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अशोक सिंघल ने राम मंदिर आंदोलन के साथ समाज को एकजुट करने का भी अभियान चलाया। वनवासी और मलिन बस्तियों में एकल विद्यालयों की श्रृंखला खड़ी करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूर्वोत्तर के बच्चों की शिक्षा के लिए गोरखनाथ मंदिर स्थित विश्व हिन्दू परिषद कार्यालय के एक कमरे से भी व्यवस्था शुरू कराई गई। उन्होंने 1990 के अयोध्या आंदोलन को याद करते हुए कहा कि तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार रामभक्तों पर गोलियां चला रही थी, तब अशोक सिंघल सत्ता के सामने नहीं झुके। दो नवंबर 1990 को रामभक्तों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी के बीच भी उनकी सिंह गर्जना सुनाई दी। आज उनके सपनों का साकार स्वरूप अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के रूप में दिखाई दे रहा है।

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मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि का मामला न्यायालय में पहुंचा तो एक ओर अशोक सिंघल की अधिवक्ताओं, पुरातत्ववेत्ताओं और विषय विशेषज्ञों की टीम प्रमाण जुटा रही थी, दूसरी ओर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी राम मंदिर के पक्ष में फैसला न आने देने के लिए बाधाएं पैदा कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस पर भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व को लेकर न्यायालय में सवाल खड़े करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण मिलने के बावजूद ये लोग नहीं गए, क्योंकि उन्हें वोट बैंक दिखाई दे रहा था। अशोक सिंघल ने 1980 के दशक में जो ज्योति प्रज्वलित की थी, वह केवल राम जन्मभूमि तक सीमित नहीं थी, बल्कि भारत के मानबिंदुओं की पुनर्प्राण प्रतिष्ठा और गुलामी के चिह्नों को समाप्त करने का अभियान था।

मुख्यमंत्री योगी ने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ और अशोक सिंघल के बीच श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को लेकर होने वाली बैठकों को याद किया। उन्होंने कहा कि मंदिर की रचना, आंदोलन की रणनीति और भावी अयोध्या की परिकल्पना पर दोनों चर्चा करते थे। अशोक सिंघल को इसलिए स्मरण किया जाता है, क्योंकि उन्होंने जो कहा उसे करके दिखाया। वाणी तभी मंत्र बनती है, जब कथन और आचरण में अंतर न हो।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कभी उपेक्षित रही अयोध्या में आज राम पथ, धर्म पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ हैं। राम की पैड़ी में सरयू का अविरल और निर्मल जल है। महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना है और अयोध्या सोलर सिटी बन चुकी है। गोरक्षा केवल भाषण या सड़क पर आंदोलन का विषय नहीं, बल्कि आचरण का विषय है। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद अवैध बूचड़खाने बंद कराए गए और सख्त कानून बनाया गया। प्रदेश में 7,700 से अधिक गोशालाओं में 16 लाख से अधिक गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। प्रत्येक गोवंश के लिए हर महीने 1,500 रुपए उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने लोगों से स्वयं गोपालन से जुड़ने का आह्वान किया। विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि अशोक सिंघल ने भव्य राम मंदिर निर्माण की हिंदू समाज की सदियों पुरानी आकांक्षा को पूरा करने के लिए जीवन लगा दिया।

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राम जन्मभूमि आंदोलन ने हिंदू समाज में अपनी पहचान के प्रति गौरव बढ़ाया। उन्होंने सामाजिक समरसता और वेद शिक्षा के लिए अशोक सिंघल के कार्यों को भी याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगतगुरु श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी महाराज ने श्रीराम मंदिर के लिए अशोक सिंघल के संघर्ष को वंदनीय बताया। उन्होंने धर्म की मर्यादाओं और सिद्धांतों को अक्षुण्ण रखते हुए समाज को एकजुट करने पर जोर दिया।(आईएएनएस)

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इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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