1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. भारतीय आसमान में जुट रही हैं सात देशों की वायु सेनाएं, हवाई शक्ति का प्रदर्शन

भारतीय आसमान में जुट रही हैं सात देशों की वायु सेनाएं, हवाई शक्ति का प्रदर्शन

Indian Air Force : भारत का आसमान अगले कई दिनों तक अलग-अलग देशों के सैन्य विमानों की गतिविधियों का गवाह बनेगा। यह गतिविधियों भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' के अंतर्गत होने जा रही हैं।

By HO BUREAU 

Updated Date

Indian Air Force : भारत का आसमान अगले कई दिनों तक अलग-अलग देशों के सैन्य विमानों की गतिविधियों का गवाह बनेगा। यह गतिविधियों भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ के अंतर्गत होने जा रही हैं। ‘तरंग शक्ति 2026‘ का उद्घाटन हो गया है। जोधपुर में इसका ऑपरेशनल चरण शुरू हो रहा है। इस चरण में विभिन्न देशों की वायु सेनाएं एक साथ प्रशिक्षण लेंगी और अपने अनुभव साझा करेंगी।

पढ़ें :- ग्राहक ने Maggi के पैकेट में कीड़े मिलने का लगाया आरोप, नेस्ले इंडिया ने दिया जवाब

रविवार को भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने यहां विभिन्न वायु सेनाओं के बीच संयुक्तता, अंतर-संचालनीयता और सौहार्द को देखा। वहीं, फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने अभ्यास निदेशक एयर वाइस मार्शल राज ठाकुर के साथ वार्ता की। इस दौरान भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के बीच मजबूत संबंधों और बढ़ते सहयोग की पुष्टि हुई।

12 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभ्यास में भारत के साथ सात मित्र देश ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश हिस्सा ले रहे हैं। इन देशों की भागीदारी अभ्यास को खास बनाती है, क्योंकि इसमें लड़ाकू विमानों से लेकर सैन्य परिवहन और हवा में ईंधन भरने वाले विमानों तक की क्षमताएं एक मंच पर देखने को मिलेंगी।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस अभ्यास में शामिल विदेशी विमानों की सूची में एफ-35 लाइटनिंग द्वितीय, राफेल और एफ-16 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं। इनके अलावा ए400एम, एमआरटीटी, सी-130, सी-130जे और केसी-30ए जैसे विमान भी हिस्सा ले रहे हैं। ये विमान अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते हैं। कोई लड़ाकू अभियानों के लिए तैयार किया गया है, तो कोई सैनिकों और सैन्य सामग्री के परिवहन या हवा में दूसरे विमानों को ईंधन देने में सक्षम है। इस तरह तरंग शक्ति केवल विमानों की भागीदारी तक सीमित नहीं है। यह अलग-अलग क्षमताओं वाली वायुसेनाओं को साथ काम करने और अपने अनुभवों से एक-दूसरे को समझने का अवसर भी देता है।

दरअसल आधुनिक हवाई अभियानों में अलग-अलग देशों की सेनाओं के बीच तालमेल महत्वपूर्ण होता है। तरंग शक्ति के दौरान विमान चालक दल, अभियान की योजना बनाने वाले विशेषज्ञ और परिचालन सहायता से जुड़े कर्मी एक साथ काम करेंगे। उनका ध्यान आपसी तालमेल, हवाई सुरक्षा, परिचालन प्रक्रियाओं और अनुभवों के आदान-प्रदान पर रहेगा। इससे भाग लेने वाले देशों को एक-दूसरे की क्षमताओं, काम करने के तरीकों और परिचालन संबंधी सोच को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। कुछ अन्य मित्र देश पर्यवेक्षक के रूप में भी अभ्यास में शामिल होंगे। इस बार तरंग शक्ति का दायरा केवल हवाई गतिविधियों तक सीमित नहीं रखा गया है।

पढ़ें :- सरकारी Bank कर्मचारियों की कल से तीन दिनों की हड़ताल, आज खुले रहे बैंक

अभ्यास के दौरान एक विशेष संगोष्ठी, विदेशी दलों के लिए औद्योगिक भ्रमण, सेखों मैराथन, विरासत स्थलों का भ्रमण और योग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के जरिए विदेशी प्रतिनिधियों को भारत के विमानन और रक्षा उद्योग से परिचित होने का अवसर मिलेगा। साथ ही, अलग-अलग देशों के सैन्यकर्मियों के बीच आपसी बातचीत और व्यक्तिगत संबंधों को भी बढ़ावा मिलेगा। तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था। अब दूसरे संस्करण के माध्यम से भारतीय वायुसेना विभिन्न देशों के साथ अपने पेशेवर अनुभव साझा करने और संयुक्त प्रशिक्षण के अवसरों को आगे बढ़ा रही है। (आईएएनएस)

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें। 

पढ़ें :- Delhi : प्रवेश वर्मा ने युवक को जड़ तो दिया थप्पड़, अब खेद व्यक्त करना पड़ गया, Video वायरल
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com