उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिलहाल सिंगापुर और जापान के दौरे पर हैं, जहाँ से वे राज्य के भविष्य-दृष्टि वाले विकास और निवेश की एक नई कड़ी खोज रहे हैं। इस चार-दिवसीय निवेश दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है और इसके लिए उन्हें भारी निवेश प्रस्ताव और साझेदारियाँ मिली हैं।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिलहाल सिंगापुर और जापान के दौरे पर हैं, जहाँ से वे राज्य के भविष्य-दृष्टि वाले विकास और निवेश की एक नई कड़ी खोज रहे हैं। इस चार-दिवसीय निवेश दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है और इसके लिए उन्हें भारी निवेश प्रस्ताव और साझेदारियाँ मिली हैं।
योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी 2026 को सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर और जापान के लिए रवाना हुए। इस दौरे का लक्ष्य वैश्विक कंपनियों, निवेशकों और औद्योगिक समूहों के साथ उत्तर प्रदेश के विकास हेतु सहयोग और निवेश प्रस्ताव तैयार करना है खासकर डिजिटल बैंकिंग, हरित ऊर्जा, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, और अवसंरचना में।
सीएम योगी ने सिंगापुर में डीबीएस बैंक की CEO समेत वैश्विक उद्योगपतियों से मुलाकात की और डिजिटल बैंकिंग, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर निर्माण, तथा वित्तीय सेवाओं के क्षेत्रों में सहयोग पर बात की।
यही नहीं, लगभग ₹1 लाख करोड़ तक के निवेश प्रस्ताव राज्य को प्राप्त हुए हैं, जिनमें से ₹60 हजार करोड़ के समझौते ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इसका उद्देश्य है उत्तर प्रदेश की आर्थिक क्षमता को बढ़ाना और रीजनल लॉजिस्टिक्स तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करना।
इन निवेशों से न केवल यूपी में उद्योग, तकनीक और रोजगार बढ़ेंगे, बल्कि राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य पाने का मार्ग भी व्यापक बनता जाएगा।
सिंगापुर में योगी ने प्रवासी भारतीय समुदाय से भी मिलकर सांस्कृतिक और सामाजिक समर्थन हासिल किया, जहाँ महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्ण स्वागत किया।
हालाँकि, इस विदेश दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ियाँ भी तेज़ हुईं, जैसे विपक्षी नेता अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के दौरे पर टिप्पणी की और राजनीतिक संभावनाओं को लेकर बयान दिया।