Prayagraj : 16 यूपी बटालियन एनसीसी की ओर से नवाबगंज स्थित आरडीबीएल कॉलेज में संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 11 से 20 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस शिविर में 16 यूपी बटालियन के 25 स्कूलों और कॉलेजों के साथ-साथ प्रयागराज ग्रुप की अन्य बटालियनों के कुल 378 एनसीसी कैडेट हिस्सा ले रहे हैं।
पढ़ें :- 15 दिन में खाली होंगी शत्रु संपत्तियां, यूपी में 60% पर अवैध कब्जा; गृह मंत्रालय के आदेश से मचा हड़कंप
शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेटों को रेजिमेंटल जीवन, शारीरिक फिटनेस और ड्रिल का प्रशिक्षण देना है। इसके साथ ही एनसीसी के निर्धारित पाठ्यक्रम के विभिन्न विषयों की जानकारी भी कैडेटों को दी जा रही है। 16 यूपी बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल नितिन झा शिविर के कमांडेंट हैं। उनके नेतृत्व में 30 से अधिक कर्मचारियों की टीम कैडेटों के प्रशिक्षण और शिविर की व्यवस्थाओं में जुटी है। टीम में पीआई स्टाफ, एएनओ और सिविलियन स्टाफ शामिल हैं।
व्यवस्थाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रम की दी गई जानकारी
शिविर में सामान्य प्रशिक्षण के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश से चयनित 55 मेधावी कैडेटों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘सुपर 55’ भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें 30 लड़के और 25 लड़कियां शामिल हैं। इन कैडेटों को भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी पद के लिए होने वाली सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। कर्नल निशांत बरियार के नेतृत्व में तीन अधिकारियों की टीम ‘सुपर 55’ कैडेटों को लक्ष्य आधारित और कठोर प्रशिक्षण दे रही है।
यह भी पढ़ें : ‘लाखों लोगों ने हिंसा और विस्थापन का दर्द झेला…’, विभाजन की विभीषिका पर बोले केशव प्रसाद मौर्य
13 अगस्त को प्रयागराज ग्रुप के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर यूएस कंदिल ने शिविर का दौरा किया। शिविर कमांडेंट ने उन्हें व्यवस्थाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने क्वार्टर गार्ड का निरीक्षण किया और ‘सुपर 55’ कैडेटों से संवाद किया।
पढ़ें :- 15 अगस्त को लेकर कानपुर में हाई अलर्ट, मॉल से होटल तक पुलिस की चेकिंग
ब्रिगेडियर कंदिल ने कैडेटों को भारतीय सेना में अधिकारी बनने के अवसरों और चयन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने NDA, IMA, OTA, AFA और NA समेत विभिन्न अधिकारी प्रशिक्षण संस्थानों के जरिए सेना में अधिकारी बनने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन, फिटनेस और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
Disclaimer
इस लेख में व्यक्त सभी विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इन्हें केवल वेब पोर्टल पर प्रकाशन हेतु संपादित एवं व्यवस्थित किया गया है। मूल भाव, आशय एवं तथ्यों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इस लेख में व्यक्त विचारों, मतों अथवा उनसे उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष परिणाम के लिए वेब पोर्टल अथवा उसके प्रकाशक किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होंगे।
देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।