ऋषभ पंत की सेहत में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है. बीते शुक्रवार को उनका कार से एक्सीडेंट हो गया था. वे दिल्ली से रुड़की अपने घर जा रहे थे. एक्सीडेंट के बाद उनके कार में आग लग गई थी. इसके बाद उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में वे आईसीयू में शिफ्ट कर दिए गए थे. भारतीय क्रिकेटर की सेहत में सुधार के बाद उन्हें अब प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. वे लगभग 48 घंटे तक आईसीयू में रहे. बीसीसीआई भी लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है. उन्हें आगे के इलाज के लिए मुंबई ले जाया जा सकता है. हालांकि पंत के परिवार का कहना है कि लोग लगातार उनसे मिलने आ रहे हैं. इस कारण उन्हें आराम करने का पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है.
पढ़ें :- IND vs WI : भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, नमन धीर करेंगे डेब्यू
एमआरआइ के लिए दर्द कम होने का इंतजार
हालांकि, उनके शरीर के कुछ हिस्सों में दर्द और सूजन की समस्या अभी बनी हुई है. इसके चलते उनके टखने और घुटने का एमआरआइ तीसरे दिन भी नहीं हो सका. पंत को पेन मैनेजमेंट थैरेपी दी जा रही है.
अस्पताल के सूत्रों के अनुसार एमआरआइ के लिए दर्द कम होने का इंतजार किया जा रहा है. लिगामेंट की चोट के उपचार पर निर्णय बीसीसीआइ के कहे अनुसार ही लिया जाएगा. इसके लिए उन्हें संभवत: बाहर भी भेजा जा सकता है.
डाक्टरों ने अगले चौबीस घंटों के दरम्यिान उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार आने की उम्मीद जताई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मैक्स अस्पताल पहुंचकर ऋषभ पंत का हाल जाना. कहा कि, पंत के स्वजन अभी तक के उपचार से संतुष्ट हैं. डाक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर निगाह बनाए हुए है.
पढ़ें :- IND vs WI : टी20 सीरीज में ये 5 भारतीय खिलाड़ी मचा सकते हैं धमाल, वैभव पर रहेंगी निगाहें
एक अन्य मेडिकल स्टाफ ने बताया कि पंत से मिलने वालों के लिए कोई समय-सीमा ही नहीं है. आमतौर पर 11 से 1 जबकि शाम को 4 से 5 बजे के बीच मरीज से कोई मिल सकता है. एक समय पर एक ही व्यक्ति को मिलने की इजाजत है. लेकिन यह मामला हाई प्रोफाइल है और लगातार लोग आ भी रहे हैं. मालूम हो कि पिछले दिनों बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर और अनुपम खेर भी पंत से मिलने अस्पताल पहुंचे थे.