Air Pollution : दिल्ली एनसीआर में ठंड बढ़ते ही वायु प्रदूषण बढ़ गया है. यानी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण को कम करने के लिए एक बार फिर से दिल्ली एनसीआर में ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पॉस एक्शन प्लान) का तीसरा चरण लागू कर कर दिया है.दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता को बिगड़ने से रोकने के लिए निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है
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दिल्ली का शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 399 पर रहा, जो गंभीर श्रेणी से सिर्फ दो पायदान नीचे है. राजधानी से सटे शहरों गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद में भी वायु की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में है. आइएमडी के मुताबिक नए साल में और ज्यादा सर्दी पड़ने वाली है. इससे वायु गुणवत्ता गंभीर से बेहद गंभीर में जा सकती है.
निर्माण कार्य और तोड़फोड़ पर रोक
CAQM द्वारा लगाए गए GRAP-3 के प्रतिबंधों के अंतर्गत अब दिल्ली के सभी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके अलावा किसी भी तरह के तोड़-फोड़ पर भी रोक लग गई है. साथ ही खनन पर भी बैन लगाया गया है. ईंट भट्ठे पर भी बैन लगा दिया गया है. दिल्ली सरकार ने इसे लागू भी कर दिया है. वहीं, बीएस-3 पेट्रोल (BS-3 Petrol Vehicle) और बीएस-4 डीजल (BS-4 Deisel Vehicle) पर बैन (एनसीआर में प्रतिबंध) लगाने का फैसला राज्य सरकार पर छोड़ दिया गया है.
बता दें कि सुबह के समय पूरे दिल्ली-NCR में कोहरे और धुंध की चादर छाई रहती है. इस कारण लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों को गले में खराश से लेकर आखों में जलन जैसी परेशानिया झेलनी पड़ रही है.