नई दिल्ली | 12 अगस्त 2026: दिल्ली विधानसभा के तीन दिवसीय मानसून सत्र की कार्यवाही और उपलब्धियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने बुधवार को मीडिया को जानकारी दी। अध्यक्ष के अनुसार, सत्र के दौरान कुल 13 घंटे 19 मिनट सदन की कार्यवाही चली। इस दौरान 19 CAG रिपोर्ट पेश की गईं, चार महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए और नियम 280 के तहत 52 जनहित के मामले उठाए गए।
52 जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा
विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता के मुताबिक, सदस्यों ने कूड़ा निस्तारण, जलभराव, आवारा पशु, PWD की सड़कें और बिजली बिल सहित कई जनहित से जुड़े मुद्दे सदन में उठाए। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर प्रतिदिन 10 सदस्यों को मुद्दे उठाने का अवसर मिलता है, लेकिन इस सत्र में एक ही दिन 23 सदस्यों को जनहित के मुद्दे रखने का अवसर दिया गया।
चार महत्वपूर्ण विधेयक पारित
अध्यक्ष ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान चार विधेयक पेश किए गए और पारित किए गए जो इस प्रकार का है।
1.दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान (निरसन) विधेयक, 2026
2.नागरिकों को समयबद्ध एवं सुलभ सेवाओं की डिलीवरी के अधिकार से संबंधित विधेयक, 2026
3.दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026
4.दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) विधेयक, 2026
अध्यक्ष के अनुसार इन विधेयकों का उद्देश्य जन सेवाओं, शहरी आश्रय व्यवस्था और अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करना है।
19 CAG रिपोर्टों पर कार्रवाई की तैयारी
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि सदन में 19 CAG रिपोर्टों पर विस्तृत चर्चा हुई। उनके अनुसार सभी रिपोर्टों को संबंधित सरकारी विभागों को Action Taken Report के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोक लेखा समिति (PAC) की सक्रिय भूमिका रहेगी और CAG के प्रतिनिधि भी प्रक्रिया में शामिल होंगे। अध्यक्ष ने रिपोर्टों पर समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
विधानसभा में AI आधारित BHASHINI की शुरुआत
मानसून सत्र में तकनीक के क्षेत्र में भी नई पहल की गई। अध्यक्ष के अनुसार दिल्ली विधानसभा में AI आधारित BHASHINI लाइव ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद प्रणाली का पायलट शुरू किया गया है। इसे किसी विधायी संस्था में देश का पहला ऐसा पायलट बताया गया। इसका उद्देश्य सदन की कार्यवाही को अधिक सुगम, समावेशी और आम लोगों के लिए सुलभ बनाना है।
8वीं विधानसभा की सक्रियता और हंगामे का मुद्दा
अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने 7वीं और 8वीं विधानसभा की कार्यप्रणाली की तुलना करते हुए कहा कि पिछली विधानसभा ने पांच वर्ष में पांच सत्र आयोजित किए थे, जबकि 8वीं विधानसभा ने डेढ़ वर्ष से कम समय में छह सत्र पूरे किए हैं। वहीं, उन्होंने कुछ विपक्षी सदस्यों के कथित अमर्यादित आचरण पर भी चिंता जताई। अध्यक्ष ने सदन में व्यवधान, वस्तुएं फेंकने, अभद्र भाषा और मार्शलों के हस्तक्षेप का उल्लेख किया।
सदन में हंगामे और अमर्यादित व्यवहार पर अध्यक्ष की आपत्ति
मानसून सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी के कुछ विपक्षी सदस्यों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ माननीय सदस्यों द्वारा कथित अमर्यादित आचरण पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सदन में व्यवधान, चावल जैसी वस्तुएं फेंकने, अभद्र भाषा के इस्तेमाल और तीनों दिन मार्शलों के हस्तक्षेप की स्थिति बनी। अध्यक्ष के अनुसार, उनके पास कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का अधिकार था, लेकिन संसदीय मर्यादा की उम्मीद में उन्होंने संयम बरता। सदन से निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया।
कुल मिलाकर देखा जाए तो विधानसभा सत्र के आंकड़ों के आधार पर मानसून सत्र विधायी गतिविधियों की दृष्टि से सक्रिय नजर आता है। हालांकि, सत्र की वास्तविक सफलता का आकलन केवल रिपोर्टों और विधेयकों की संख्या से नहीं होगा। CAG रिपोर्टों पर आगे की कार्रवाई, पारित विधेयकों का जमीन पर असर और जनहित के उठाए गए मुद्दों का समाधान इसकी अहम कसौटी होंगे। वहीं विपक्ष के अमर्यादित आचरण संबंधी आरोप अध्यक्ष मर्माहत दिखे।
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