Delhi : दिल्ली की मतदाता सूची में आम आदमी पार्टी के मंत्रियों के पंजीकरण को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने ‘सामान्य निवासी’ की शर्तों पर स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि पात्र नागरिक को मतदाता सूची से बाहर नहीं रखा जाएगा और अपात्र व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाएगा। सांसदों, विधायकों और कुछ घोषित पदों पर बैठे लोगों के लिए कानून में मौजूद विशेष प्रावधानों का भी आयोग ने हवाला दिया है।
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AAP ने मंत्रियों के मतदाता पंजीकरण पर उठाए सवाल
दिल्ली की मतदाता सूची को लेकर सियासी घमासान के बीच आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के मतदाता पंजीकरण का मुद्दा उठाया। AAP की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया गया कि कुछ मंत्रियों का पंजीकरण उनके सामान्य निवास स्थान के अलावा अन्य जगहों पर हुआ है। इसी के बाद चुनाव आयोग ने ‘सामान्य निवासी’ से जुड़े कानूनी प्रावधानों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया।
आयोग बोला – पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं होगा
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची से बाहर नहीं रखा जाएगा और न ही किसी अपात्र व्यक्ति को मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। आयोग के मुताबिक 14 मई 2026 के निर्देशों के तहत न्यायपालिका के सदस्यों, जन प्रतिनिधियों, घोषित पदों के धारकों और कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल तथा सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े पहले से चिह्नित नामों को ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया गया है।
आयोग ने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेज जुटाए जा सकें और संबंधित मामलों की जांच की जा सके।
सांसद-विधायकों के लिए ‘सामान्य निवासी’ का क्या है नियम?
आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20(1B) का हवाला देते हुए कहा कि संसद या राज्य विधानमंडल का कोई सदस्य केवल अपने आधिकारिक दायित्वों के कारण निर्वाचन क्षेत्र से अनुपस्थित रहने की वजह से वहां का ‘सामान्य निवासी’ होना नहीं खोता, जहां वह सदस्य चुने जाने के समय मतदाता के रूप में पंजीकृत था।
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मंत्रियों के लिए भी कानून में विशेष प्रावधान
आयोग ने धारा 20(4) का भी उल्लेख किया। इसके तहत राष्ट्रपति द्वारा घोषित कुछ पदों पर बैठे व्यक्तियों के ‘सामान्य निवास’ को लेकर विशेष व्यवस्था है। 18 अप्रैल 1960 की अधिसूचना के तहत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, केंद्र और राज्य सरकारों के कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री समेत कुछ पदों को इस प्रावधान के दायरे में रखा गया है।
AAP के सवालों के बीच अब दस्तावेजों की बारी
AAP की ओर से उठाए गए सवालों के बीच चुनाव आयोग के इस स्पष्टीकरण ने ‘सामान्य निवासी’ की कानूनी स्थिति को सामने रखा है। हालांकि, किसी खास व्यक्ति का मतदाता पंजीकरण नियमों के अनुरूप है या नहीं, इसका निर्धारण संबंधित रिकॉर्ड, दस्तावेजों और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।
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