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‘दो दिन की चर्चा में न प्रधानमंत्री आए, न गृह मंत्री आए…’, गौरव गोगोई का बयान

By HO BUREAU 

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'दो दिन की चर्चा में न प्रधानमंत्री आए, न गृह मंत्री आए...', गौरव गोगोई का बयान

Gaurav Gogoi : कांग्रेस लोकसभा सांसद गौरव गोगोई और राज्यसभा सदस्य एवं कांग्रेस संचार विभाग के महासचिव जयराम रमेश ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमने सदन के कई सत्र देखे हैं, लेकिन पहली बार इस मानसून सत्र में सत्ताधारी सरकार को इतना डरा और सहमा देखा है। पहली बार देखा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन की कार्यवाही से दूर रहे और पूरे सत्र अनुपस्थित थे।

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गौरव गोगोई ने कहा कि छात्र आंदोलन के कारण पूरे देश में जो माहौल बना, उसके कारण सरकार को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा। इससे संबंधित संशोधन बिल सदन में लाई गई और दो दिन चर्चा हुई। उस चर्चा में कांग्रेस ने तीन मांगे रखी थीं। पहली मांग थी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, दूसरी पैलेट गन पर गृह मंत्री का बयान और तीसरी छात्रों से प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। इसमें से सरकार ने सिर्फ एक मांग पर समर्थन दिया, वह है शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।

‘सत्र खत्म होने से दो दिन पहले वे कहते हैं कि सरकार चर्चा के लिए तैयार…’

कांग्रेस सांसद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “ये सरकार इतनी डरी हुई है कि इस दो दिन की चर्चा में न प्रधानमंत्री आए, न गृह मंत्री आए। 15 दिनों तक गृह मंत्री गायब हो गए। फिर सदन खत्म होने से दो दिन पहले वे कहते हैं कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। जब चर्चा हो रही थी तब तो आप नहीं आए, अब 15 दिनों बाद कहते हैं कि चर्चा के लिए तैयार हैं।”

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गौरव गोगोई ने कहा, “चर्चा तो हो गई, बस आपके बयान चाहिए थे, लेकिन वे सदन से दूर रहे और बयान नहीं दे पाए। अब ये किस प्रकार का बहाना बना रहे हैं कि चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष चर्चा नहीं चाहता। चर्चा तो हो चुकी थी, बस आपका बयान ही बाकी था।” गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि इस सत्र में ऐसे बिल लाए गए जो राज्य सरकारों के अधिकारों को कमजोर करते हैं। अंत तक हमारी मांग यह थी कि गृह मंत्री बयान दीजिए और चंदा चोरी पर डिबेट कीजिए।”

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