नई दिल्ली, 25 जून 2022। पंजाब के वरिष्ठ आईएएस अफसर संजय पोपली के बेटे कार्तिक पोपली की गोली लगने से मौत हो गई है। घटना के समय विजिलेंस की टीम आईएएस पोपली के चंडीगढ़ स्थित घर पर जांच के लिए पहुंची थी। परिवार का आरोप है कि कार्तिक को भष्ट्राचार विरोधी दस्ते की टीम ने गोली मारी है। वहीं, चंडीगढ़ एसएसपी का कहना है कि कार्तिक ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को शूट कर लिया है।
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कार्तिक पोपली (26) की मौत के बाद मां ने कहा कि उनके बेटे की मृत्यु के लिए पुलिस जिम्मेदार है। विजिलेंस टीम ने चार दिनों पहले ही उनके पिता आईएएस संजय पोपली को भष्ट्राचार के मामले में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उन पर जांच चल रही है।
घर पर विजिलेंस टीम और कार्तिक के बीच हुई थी बहस
संजय पोपली को आज मोहाली कोर्ट में पेश किया गया था। परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। विजिलेंस की टीम उनको झूठे बयान देने के लिए कह रही थी। विजिलेंस की टीम आज दोपहर उनके घर आई थी, इस दौरान छानबीन की गई थी। इसी समय कार्तिक पोपली और विजिलेंस के अधिकारियों के बीच कहासुनी हो गई। कार्तिक की मां ने कहा कि जब वह ऊपर की ओर गई तो विजिलेंस अधिकारी ने उनके बेटे पर पिस्तोल तानी हुई थी। इसके बाद उनको नीचे जाने के लिए कहा गया। उसके बाद गोली की आवाज आई। जिसके बाद पता चला कि कार्तिक को गोली लगी हुई है। उनका कहना है कि पंजाब के सीएम छोटे मामलों को भी बढ़ा चढ़ाकर वाहवाही कराना चाहते हैं।
घटना के बाद उनके बेटे कार्तिक की डेड बॉडी को जीएमएचएच ले जाया गया। इसके बाद पुलिस की फोरेंसिक टीम उनके सेक्टर 11 स्थित घर पहुंची। पोपली के पारिवारिक मित्र ने कहा कि संजय पोपली को मोहाली कोर्ट में पेशी के बजाय घर लाया गया।
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कमीशन के आरोप में पोपली आए शक के घेरे में
पंजाब सरकार के पेंशन डायरेक्टर थे आईएएस संजय पोपली। विजिलेंस टीम ने कुछ दिन पहले संजय पोपली को उनके चंडीगढ़ स्थित घर से गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि वह सीवरेज बोर्ड के सीईओ रहते हुए 7.3 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर एक प्रतिशत कमीशन लेते थे।