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आर्बिट समूह पर इनकम टैक्स का छापा, गोरखपुर-लखनऊ समेत दोनों निदेशकों के कई ठिकानों पर चल रही जांच, संपत्तियों का खंगाल रही ब्योरा

By up bureau 

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गोरखपुर। लखनऊ समेत कई जिलों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बड़ी रेड की है। यह छापा रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े आर्बिट ग्रुप पर पड़ा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के जवाइंट कमिश्नर आलोक सिंह और रवींद्र कौर सैनी के नेतृत्व में टीम सुबह लगभग 9 बजे सिविल हरिओम नगर सिविल लाइंस स्थित आर्बिट ग्रुप के डायरेक्टरों के निवास पर पहुंची और जांच पडताल कर रही है।

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टीम अभी हरिओम नगर स्थित समूह के दोनों निदेशकों अभिषेक अग्रवाल और आनंद मिश्रा के घर जांच-पड़ताल कर रही है। फिलहाल दोनों निड़ेशकों का मोबाइल फोन भी बंद है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज रोड स्थित आर्बिट अपार्टमेंट स्थित दफ्तर भी टीम पहुंची है। इतना ही नहीं गोरखपुर के अलावा लखनऊ स्थित आवास समेत कई जिलों में आर्बिट ग्रुप के ठिकानों पर अभी रेड जारी है।

अचानक चर्चा में आया आर्बिट ग्रुप

दरअसल, आर्बिट ग्रुप का काम ऑटोमोबाइल के साथ रियल इस्टेट में पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। शहर भर में लगातार दो दर्जन से अधिक कमर्शियल बिल्डिंग और कांप्लेक्स बनाकर इस समूह ने तेजी से न ही सिर्फ अपना प्रसार किया है, बल्कि शहर भर में अचानक यह समूह चर्चा में भी आ चुका हैं।

शहर में दो दर्जन से अधिक कामर्शियल भवन व कांप्लेक्स इस समूह ने बनवाए हैं। इनके पास आर्बिट के नाम से ही मारूति की गाड़यों का शो रूम भी है। समूह से जुड़े दोनों निदेशकों अभिषेक अग्रवाल और आनंद मिश्र के मोबाइल बंद हैं।

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7 साल पहले रियल इस्टेट में आया आर्बिट ग्रुप

पिछले लगभग 7 सालों में आर्बिट समूह ने कई बड़े भवनों का निर्माण किया है। बड़ी कंपनियों के शोरूम एवं रिटेल स्टोर इन भवनों में हैं। सभी प्रमुख स्थानों पर इनके भवन नजर आते हैं। मेडिकल रोड पर एक अपार्टमेंट भी बनवाया है। आयकर की टीम ने गोरखपुर में दोनों निदेशकों के आवास, मेडिकल कालेज रोड स्थित कार्यालय और लखनऊ स्थित आवास पर भी जांच शुरू की है।

किराए पर हैं अधिकतर संपत्तियां

इस समूह के बारे में एक बात चर्चित है कि जो भी भवन ये बनवाते हैं, उसे किराए पर ही देते हैं। आमतौर पर भवन बनाकर लोग बेचते हैं और पूंजी निकालकर दूसरे प्रोजेक्ट कर काम करते हैं। लेकिन यह समूह बिल्डिंग बनाता है और उसे किराए पर देता है। उसके बाद दूसरी प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाता है। गोरखपुर में यह समूह सबसे तेजी से उभरा है।

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