Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. ‘क्या जांच का मकसद छोटे चढ़ावा चोरों को पकड़ना था?’ राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बोले जयराम रमेश

‘क्या जांच का मकसद छोटे चढ़ावा चोरों को पकड़ना था?’ राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बोले जयराम रमेश

By HO BUREAU 

Updated Date

Jairam Ramesh : 'क्या जांच का मकसद छोटे चढ़ावा चोरों को पकड़ना था?' राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बोले जयराम रमेश

Jairam Ramesh : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जयराम रमेश ने रविवार को एक्स पोस्ट के जरिए कहा कि क्या जांच का मकसद सिर्फ छोटे चढ़ावा चोरों को पकड़ना था या उन लोगों की भी जवाबदेही तय करना था, जिनकी शह और निगरानी में यह सब होता रहा? इसीलिए कांग्रेस शुरू से ही सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भरोसेमंद जांच की मांग कर रही है।

पढ़ें :- सेंसेक्स को 71,000-71,200 के स्तर पर सपोर्ट मिलने की संभावना, निफ्टी के लिए 22,800 का टारगेट: एक्सपर्ट्स

उन्होंने कहा कि चढ़ावा राम के नाम पर आया था, ऐसे में 105 घटनाओं के बावजूद अगर यह पता ही नहीं चलता कि कुल कितना चढ़ावा चोरी हुआ तो जांच को समाप्त करने की जल्दी क्यों? देश को जवाब चाहिए। क्या मोदी सरकार चढ़ावा चोरों तक पहुंचना चाहती है या उन सवालों को यहीं खत्म करना चाहती है, जो बड़े जिम्मेदार लोगों तक पहुंच सकते हैं? भगवान श्रीराम के अयोध्या मंदिर के चढ़ावा चोरों पर मोदी सरकार इतनी मेहरबान क्यों है? विपक्षी नेताओं के खिलाफ सरकार ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग करने में नहीं झिझकती है।

काग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी क्यों नहीं, गवाह कैसे हैं। हमारा सवाल सीधा और साफ है कि जब चार जून को चोरी की रकम का वीडियो चंपत राय तक पहुंच गया था, 5 जून को सीसीटीवी देख लिया गया और 25 जून को प्राथमिकी दर्ज हुई। इन 21 दिनों की देरी का पूरा सच देश के सामने क्यों नहीं रखा गया?

Avinay Mishra

Disclaimer

पढ़ें :- भारत और कनाडा व्यापार वार्ता, बातचीत का पांचवां दौर शुरू

इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें। 

Advertisement