Jairam Ramesh : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जयराम रमेश ने रविवार को एक्स पोस्ट के जरिए कहा कि क्या जांच का मकसद सिर्फ छोटे चढ़ावा चोरों को पकड़ना था।✍️Avinay Mishra
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Jairam Ramesh : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जयराम रमेश ने रविवार को एक्स पोस्ट के जरिए कहा कि क्या जांच का मकसद सिर्फ छोटे चढ़ावा चोरों को पकड़ना था या उन लोगों की भी जवाबदेही तय करना था, जिनकी शह और निगरानी में यह सब होता रहा? इसीलिए कांग्रेस शुरू से ही सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भरोसेमंद जांच की मांग कर रही है।
उन्होंने कहा कि चढ़ावा राम के नाम पर आया था, ऐसे में 105 घटनाओं के बावजूद अगर यह पता ही नहीं चलता कि कुल कितना चढ़ावा चोरी हुआ तो जांच को समाप्त करने की जल्दी क्यों? देश को जवाब चाहिए। क्या मोदी सरकार चढ़ावा चोरों तक पहुंचना चाहती है या उन सवालों को यहीं खत्म करना चाहती है, जो बड़े जिम्मेदार लोगों तक पहुंच सकते हैं? भगवान श्रीराम के अयोध्या मंदिर के चढ़ावा चोरों पर मोदी सरकार इतनी मेहरबान क्यों है? विपक्षी नेताओं के खिलाफ सरकार ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग करने में नहीं झिझकती है।
काग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी क्यों नहीं, गवाह कैसे हैं। हमारा सवाल सीधा और साफ है कि जब चार जून को चोरी की रकम का वीडियो चंपत राय तक पहुंच गया था, 5 जून को सीसीटीवी देख लिया गया और 25 जून को प्राथमिकी दर्ज हुई। इन 21 दिनों की देरी का पूरा सच देश के सामने क्यों नहीं रखा गया?
✍️Avinay Mishra
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