लखनऊ। हिंदू धर्म में कजरी तीज का विशेष महत्व है। इसमें सुहागिनों द्वारा अपने सुहाग के लिए विशेष व्रत रखा जाता है। जिससे वैवाहिक जीवन में सुख समृद्धि बनी रहे। इस दिन सुहागिन महिलाएं बाबा भोलेनाथ और मां पार्वती की पूजा अर्चना करती हैं। मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
पढ़ें :- CM योगी ने किया आठ राज्यों से आए कलाकारों से संवाद, कहा - 'सांस्कृतिक एकता भारत की सबसे बड़ी ताकत'
सावन भादव में सुहागिनों द्वारा कई व्रत किए जाते हैं। इसमें कजरी तीज का पर्व सबसे खास है। यह व्रत भादों माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। इस साल यह पर्व 22 अगस्त को मनाया जाएगा।
इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, तरक्की और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं। इस बार कजरी तीज पर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, धृति योग और गुरुवार वार का योग बन रहा है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का भी प्रावधान है।
शुभ मुहूर्तशुभ मुहूर्त
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 21 अगस्त को शाम 5.06 बजे से 22 अगस्त को दोपहर 1.46 बजे तक रहेगी। पंचांग के अनुसार कजरी तीज के पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5.50 से सुबह 7.30 बजे के बीच है।