मुंबई, 25 जून। शनिवार को महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट के बीच सत्तारूढ़ शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे गुट के 10 विधायक शिवसेना के संपर्क में हैं। इन विधायकों ने शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत की थी। राउत ने कहा कि बागी विधायकों को तुरंत मुंबई वापस आ जाना चाहिए।
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फडणवीस शिवसेना के आंतरिक मामलों में दखलअंदाजी ना करें- राउत
राज्यसभा सदस्य राउत ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नाम लेकर कहा कि वो शिवसेना के आंतरिक मामलों में दखलअंदाजी ना करें। उन्होंने कहा कि फडणवीस उनके अच्छे मित्र हैं। उन्हें खुद अपनी प्रतिष्ठा का ध्यान रखना चाहिए। राउत इससे पहले भी बीजेपी पर शिवसेना विधायकों को तोड़ने का आरोप लगा चुके हैं। राउत के आरोपों पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा था कि शिवसेना के मौजूदा राजनीतिक संकट के पीछे बीजेपी की कोई भूमिका नहीं है।
शिवसेना को कांग्रेस और राकांपा का समर्थन
संजय राउत ने कहा कि शिवसेना को कांग्रेस और राकांपा का समर्थन पहले से ही है। शुक्रवार देर रात जब शरद पवार और उद्धव ठाकरे के बीच बैठक चल रही थी, उस समय गुवाहाटी के होटल में ठहरे 10 विधायकों ने फोन किया था और शिवसेना में ही रहने की बात कही थी। उन्होंने गुवाहाटी के होटल में ठहरे बागी विधायकों पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद को बाघ कहते हैं, वो बकरियों की तरह व्यवहार क्यों कर रहे हैं?। अगर उनमें हिम्मत है, मुंबई आएं और विधानसभा में बहुमत हासिल करें। मुख्यमंत्री ठाकरे के पीछे राकांपा और कांग्रेस मजबूती से खड़ी हैं, इसलिए जो विद्रोह कर रहे हैं उन्हें गुवाहाटी से यहां आकर बोलना चाहिए।
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भगोड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी नहीं- राउत
वहीं एकनाथ शिंदे ने आरोप लगाया है कि गुवाहाटी में बागी विधायकों के परिवारों की सुरक्षा छीन ली गई है। उन्होंने ट्विटर पर एक पत्र शेयर कहा कि विधायकों के परिवारों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। इस बारे में पत्रकारों ने जब संजय राउत से पूछा तो उन्होंने कहा कि भगोड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी नहीं है। राउत ने कहा कि विद्रोह में राज्य से भागे विधायकों की सुरक्षा के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं। जो विधायक राज्य से भाग गए हैं, उनकी सुरक्षा के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।
राजकीय आकसापोटी शिवसेनेच्या आमदारांचे संरक्षण मुख्यमंत्री आणि गृहमंत्री यांच्या आदेशाने काढून घेण्यात आले आहे. त्यांच्या व त्यांच्या कुटुंबीयांच्या संरक्षणाची जबाबदारी सरकारची आहे.#MVAisAntiShivsena pic.twitter.com/lX2qjVTxGM
— Eknath Shinde – एकनाथ शिंदे (@mieknathshinde) June 25, 2022