उत्तर प्रदेश: जनपद में आगामी त्योहारों, संभावित प्रतियोगी परीक्षाओं और रिफाइनरी से संबंधित कार्यों को देखते हुए जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है। जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह ने आदेश जारी करते हुए 20 अगस्त से 17 अक्टूबर 2026 तक जनपद में धारा 163 लागू की है।
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जारी आदेश के अनुसार, बिना अनुमति पांच या पांच से अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्रित होने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने यह कदम आगामी त्योहारों और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है।
प्रशासन के मुताबिक, आने वाले दिनों में 26 अगस्त को ईद मिलाद (बारावफात), 28 अगस्त को रक्षाबंधन, 2 सितंबर को बलदेव छठ और 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी** मनाई जाएगी। इसके बाद 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी, 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा, 19 सितंबर को श्री राधा अष्टमी, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी, 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती और 11 अक्टूबर को महाराजा अग्रसेन जयंती के पर्व प्रस्तावित हैं।
इन त्योहारों के साथ ही निकट भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाएं भी संभावित हैं। इसके अलावा रिफाइनरी से संबंधित कार्यों के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए भी आवश्यक निषेधाज्ञा लागू की गई है।
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यमुना एक्सप्रेसवे रहेगा ‘नो प्रोटेस्ट जोन’
जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 59 से 141 तक तथा 145 से 148 तक का मार्ग, जो मथुरा जनपद की सीमा के भीतर **यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आता है, ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा के दौरान निर्धारित प्रतिबंधों का पालन करना अनिवार्य होगा। त्योहारों, परीक्षाओं और अन्य गतिविधियों के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आदेशों का पालन करें और बिना अनुमति किसी भी प्रकार का ऐसा जमावड़ा या गतिविधि न करें, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो।
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