Delhi : दिल्ली सरकार ने वाटर लॉगिंग की समस्या से निपटने के लिए 150 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है। मंत्री प्रवेश साहिब ने बताया कि शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म प्लान के तहत काम किया जा रहा है। वहीं Reclaimed Water Policy के जरिए ट्रीटेड पानी के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
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150 वाटर लॉगिंग पॉइंट की पहचान
दिल्ली में वाटर लॉगिंग की समस्या को लेकर मंत्री प्रवेश साहिब ने कहा कि सरकार ने 150 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है। मंत्री प्रवेश साहिब के मुताबिक इन जगहों पर शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म, दोनों स्तरों पर काम किया जा रहा है। तत्काल समाधान वाले स्थानों पर तेजी से काम किया जा रहा है, जबकि लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट्स को करीब छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।
मंत्री प्रवेश साहिब ने बताया कि पहले दिल्ली में 300 से ज्यादा वाटर लॉगिंग पॉइंट थे, जिन्हें अब काफी कम किया गया है। मंत्री प्रवेश साहिब ने दावा किया कि आने वाले समय में वाटर लॉगिंग की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
Reclaimed Water Policy को मंजूरी
मंत्री प्रवेश साहिब ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में Reclaimed Water Policy को मंजूरी दी गई है। मंत्री प्रवेश साहिब के मुताबिक दिल्ली जल बोर्ड की मौजूदा क्षमता करीब 750 MGD है, जबकि जरूरत कम से कम 1,000 MGD की है। परियोजनाएं पूरी होने पर क्षमता करीब 1,015 MGD तक पहुंचने की उम्मीद है।
1,500 MGD क्षमता का लक्ष्य
मंत्री प्रवेश साहिब ने कहा कि भविष्य में दिल्ली की जल उत्पादन क्षमता को 1,500 MGD तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री प्रवेश साहिब के मुताबिक दिल्ली में करीब 700 MGD पानी ट्रीट होता है, जिसमें लगभग 350 MGD पानी यमुना में वापस छोड़ा जाता है।
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ट्रीटेड पानी का होगा दोबारा इस्तेमाल
मंत्री प्रवेश साहिब ने कहा कि Reclaimed Water Policy के तहत ट्रीटेड पानी का निर्माण कार्य, बिल्डिंग, फार्म हाउस और अन्य परियोजनाओं में इस्तेमाल किया जाएगा। मंत्री प्रवेश साहिब के मुताबिक सोसाइटी और अन्य स्थानों पर कार वॉश जैसी गतिविधियों में भी ट्रीटेड पानी उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री प्रवेश साहिब ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पानी की हर बूंद का बेहतर इस्तेमाल करना और भूजल पर दबाव कम करना है।
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