1 जनवरी 2026 की सुबह दिल्ली-एनसीआर के लिए जश्न से ज़्यादा जद्दोजहद लेकर आई। नए साल की पहली किरणें कोहरे की मोटी परत के पीछे कहीं गुम हो गईं। सड़कों पर गाड़ियाँ रेंगती दिखीं, हवाई अड्डों पर उड़ानों की कतारें रुकी रहीं और रेल यात्रियों के लिए समय सिर्फ़ अनुमान

