प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एससीओ समिट में भाग लेने के लिए उज्बेकिस्तान पहुंच गए हैं. उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर पीएम मोदी एससीओ (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की बैठक में भाग लेने के लिए 15-16 सितंबर को समरकंद में होंगे. शंघाई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए समरकंद रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को बयान भी जारी किया था. जिसमें पीएम ने कहा कि वह समूह के अंदर मौजूदा मुद्दों, विस्तार और सहयोग को आगे बढ़ाने के बारे में विचारों के आदान-प्रदान को लेकर उत्सुक हैं.
बता दें कि SCO सम्मेलन में पीएम मोदी एससीओ के भीतर बहुआयामी सहयोग को गहरा करने पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे. पीएम मोदी की रवानगी से पहले विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि एससीओ सम्मेलन में पीएम मोदी अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ भी द्विपक्षीय बैठक भी कर सकते हैं.
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प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ईरानी नेता इब्राहिम रईसी सहित अन्य नेताओं के साथ एससीओ के वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर वहां का दौरा कर रहे हैं. उज्बेकिस्तान एससीओ का मौजूदा अध्यक्ष है.
पीएम मोदी ने रवाना होने से पहले एक बयान में कहा, “एससीओ शिखर सम्मेलन में, मैं मौजूदा, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, एससीओ के विस्तार एवं संगठन के भीतर बहुआयामी और परस्पर लाभकारी सहयोग को और गहरा करने के लिए विचारों के आदान-प्रदान को लेकर उत्सुक हूं.” उन्होंने कहा, “उज्बेक अध्यक्षता में व्यापार, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्रों में परस्पर सहयोग के लिए कई निर्णय लिए जाने की उम्मीद है.”