2010 में अपनी डेब्यू डाइरेक्शन फिल्म Ata Patta Lapata के लिए दिल्ली-आधारित कंपनी से ₹5 करोड़ उधार लिए थे, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। इसके बाद कर्ज नहीं चुका पाने के कारण कंपनी ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। इस मामले में अदालत ने उन्हें दोषी पाया और कोर्ट ने उन्हें सज़ा सुनाई, लेकिन लंबी अपील प्रक्रिया के चलते यह मामला कई सालों तक चला।
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बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव, जिनकी भूमिका चुटीले और यादगार अभिनय के लिए कई फिल्मों में सराही जाती है, फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं, और उनका मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। यह मामला चेक बाउंस और कर्ज उधार के विवाद से शुरू हुआ था, जो अब एक दशक पुराना हो चुका है।
यादव ने 2010 में अपनी डेब्यू डाइरेक्शन फिल्म Ata Patta Lapata के लिए दिल्ली-आधारित कंपनी से ₹5 करोड़ उधार लिए थे, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। इसके बाद कर्ज नहीं चुका पाने के कारण कंपनी ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। इस मामले में अदालत ने उन्हें दोषी पाया और कोर्ट ने उन्हें सज़ा सुनाई, लेकिन लंबी अपील प्रक्रिया के चलते यह मामला कई सालों तक चला।
बाद में ब्याज और पेनल्टी समेत यह देयता बढ़कर लगभग ₹9 करोड़ तक पहुँच गई।
राजपाल यादव की समस्या तब और बढ़ी जब उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के कई निर्देशों का पालन नहीं किया, विशेषकर बकाया राशि का भुगतान समय पर न करना और भुगतान पर लगातार आश्वासन देना लेकिन पूरा न करना को लेकर। अदालत ने कहा कि यादव अकेले अपने वादों का पालन न करने के कारण जेल गए हैं, न कि केवल आदेश की वजह से।
हाई कोर्ट ने 2 फ़रवरी 2026 को उन्हें भुगतान पूरा करने का निर्देश दिया था, और बाद में मोहलत माँगी तो उसे भी खारिज कर दिया गया। परिणामतः, 5 फ़रवरी 2026 को यादव ने आपराधिक आदेश का पालन करते हुए तिहाड़ जेल में सरेंडर किया।
अब राजपाल यादव Tihar Jail में हैं और उन्हें छह महीने की सज़ा काटनी है। उसके खिलाफ बैल एप्लिकेशन दाख़िल की गई है, लेकिन 12 फ़रवरी 2026 की सुनवाई में अदालत ने राहत देने में असमर्थता जताई और बैल सुनवाई आगे, 16 फ़रवरी तक स्थगित की।
हालांकि अदालत ने बताया कि जजों की सहानुभूति है, लेकिन कानून के अनुसार आदेशों का पालन होना ज़रूरी है — और यद्यपि सुनवाई जारी है, यादव को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
जिससे यादव के भुगतान और बातचीत में कुछ मदद मिल सकती है।
मामले का इतिहास भी दिलचस्प है, पहले वे अपने पारिवारिक संपत्ति को गिरवी रख चुके हैं क्योंकि वे कर्ज चुका नहीं पाए थे। इससे पता चलता है कि यह मामला सिर्फ़ अभिनेता की फ़िल्मी समस्या नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही वित्तीय जटिलता का परिणाम है।
राजपाल यादव के लिए अगला बड़ा मुकाम 16 फ़रवरी 2026 की बैल सुनवाई है। अदालत अगले कदम पर निर्णय लेने के लिए दलीलों और फ़रज़ानाओं को सुनने के बाद ही फ़ैसला करेगी। यदि अदालत को यथोचित सुरक्षा, बकाया भुगतान की पूर्ति और रिकॉर्ड पर संतोष हुआ, तो अस्थायी राहत (बैल) मिल सकती है, लेकिन फिलहाल कोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया है।