Delhi : दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को 30 सितंबर 2026 तक तय लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की सहमति से टीबी स्क्रीनिंग, रेडियोग्राफरों की कमी और लंबित डीबीटी मामलों पर भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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30 सितंबर तक लक्ष्य पूरा करने की डेडलाइन
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अभियान के क्रियान्वयन में सामने आ रही कमियों, लंबित कार्यों और निर्धारित लक्ष्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। एलजी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 30 सितंबर 2026 की समयसीमा के भीतर टीपीटी और डिफरेंशिएटेड टीबी केयर से जुड़े सभी निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जाए।
अस्पताल में भर्ती होते ही टीबी जांच का सुझाव
उपराज्यपाल ने टीबी की जल्द पहचान के लिए अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की सहमति के आधार पर टीबी स्क्रीनिंग करने का सुझाव दिया। इसका उद्देश्य बीमारी की समय रहते पहचान कर मरीज को जल्द उपचार उपलब्ध कराना और संक्रमण के प्रसार को रोकना है।
रेडियोग्राफरों की कमी पर तत्काल कार्रवाई
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी रेडियोग्राफरों की कमी का मुद्दा भी सामने आया। एलजी ने अधिकारियों को इस कमी को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि टीबी की जांच और संबंधित सेवाओं में किसी तरह की बाधा न आए।
लंबित डीबीटी मामलों का जल्द निपटारा
बैठक में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा हुई। उपराज्यपाल ने बैकलॉग को जल्द खत्म करने और पात्र लाभार्थियों तक सहायता समय पर पहुंचाने के लिए अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई करने को कहा।
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जनजागरूकता अभियान तेज करने पर जोर
तरनजीत सिंह संधू ने टीबी के खिलाफ मीडिया और जनजागरूकता अभियान को और तेज करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों तक टीबी की जांच, इलाज और उपलब्ध सरकारी सुविधाओं की जानकारी प्रभावी तरीके से पहुंचाना जरूरी है, ताकि बीमारी की पहचान और उपचार में देरी न हो।
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