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क्वारी नदी का कहर, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न, मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला मार्ग बंद

Etawah : इटावा- चकरनगर तहसील क्षेत्र में क्वारी नदी के उफान पर आने से नदी किनारे बसे करीब 20 गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।✍️वंदना यादव

By HO BUREAU 

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Etawah : इटावा- चकरनगर तहसील क्षेत्र में क्वारी नदी के उफान पर आने से नदी किनारे बसे करीब 20 गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बुधवार शाम से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते सोने का पुरा से लेकर बिठौली तक बड़ी संख्या में किसानों की फसलें पानी में डूब गई हैं। खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

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गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे तक भी नदी का पानी लगातार बढ़ता हुआ देखा गया। हालात ऐसे हैं कि चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर का असर जनजीवन पर भी पड़ने लगा है। मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला पांडरी मुख्य मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन बाधित हो गया है। मार्ग बंद होने के कारण लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्होंने बड़ी उम्मीदों के साथ अपनी फसलों की बुआई की थी, लेकिन अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। खेतों में खड़ी बाजरा, तिल, मूंगफली, उड़द और अन्य फसलें जलमग्न हो गई हैं। किसानों को आशंका है कि यदि पानी जल्द नहीं उतरा तो फसलों को भारी नुकसान होगा।

नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में भी भय का माहौल है। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। कई स्थानों पर पानी खेतों से निकलकर संपर्क मार्गों तक पहुंच गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो कुछ गांवों का संपर्क भी टूट सकता है।

पीड़ित किसानों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत कार्य शुरू करने और पांडरी मार्ग पर आवागमन बहाल कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, वहीं क्षेत्रीय लोगों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई और नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर पर टिकी हुई है।

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✍️वंदना यादव

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इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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