Sheikh Hasina : देश छोड़ने के दो साल बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मीडिया के साथ एक वर्चुअल बातचीत की। शेख हसीना ने कहा कि पिछले दो सालों से मैंने अपने प्यारे बांग्लादेश को मुश्किलों से जूझते देखा है। यह वह बांग्लादेश नहीं है।
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शेख हसीना ने कहा कि जिसे हमने बनाया था, यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने अपनी जान दी थी। मैं जुलाई और अगस्त 2024 की सच्चाई से अपनी बात शुरू करना चाहती हूं। यह छात्रों का कोई शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं था। मुझे हिरासत में लिया जा सकता है।
‘मैंने मिलिट्री शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी’
उन्होंने कहा कि ‘मुझ पर मुकदमा चलाया जा सकता है, लेकिन डर यह तय नहीं करेगा कि लोगों के प्रति मेरा फर्ज क्या है। 1975 में मैंने अपना परिवार खो दिया, मैं 6 साल तक देश से बाहर रही। मैंने मिलिट्री शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी। मुझे अपने भविष्य की चिंता नहीं है, मुझे बांग्लादेश के लोगों की चिंता है। बांग्लादेश को फिर से सही रास्ते पर लाने की है। हम लोगों के साथ खड़े होना चाहते हैं। मुझे उन पर भरोसा है, मैं उनसे प्यार करती हूं और मैं बांग्लादेश के लोगों के लिए वापस आऊंगी।’
शेख हसीना ने कहा कि ‘पिछले कुछ सालों में बांग्लादेश में डर हर जगह घुस गया है। आज मैं केवल एक पूर्व प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता की बेटी के तौर पर बोल रही हूं। मैं एक ऐसी व्यक्ति के तौर पर बोल रही हूं, जिसने अपनी ज़िंदगी बांग्लादेश के लोगों के साथ बिताई है और जिसे अपने देश से दूर जाने पर मजबूर किया गया, लेकिन मैं कभी भी अपने लोगों से अलग नहीं हुई।’
नोट (डिस्क्लेमर)
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