टाटा का यह नया Urban Electric Scooter खासतौर पर गरीब और जरूरतमंद छात्रों शहरी और सेमी-अर्बन इलाकों कम खर्च, ज्यादा फायदा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह स्कूटर उन छात्रों के लिए है जिनके सपने बड़े हैं, लेकिन साधन सीमित।
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भारत के लाखों गरीब और मध्यम वर्गीय छात्र हर दिन एक जैसी समस्या से जूझते हैं, कॉलेज दूर है, बस महंगी है, और समय सबसे कीमती। ऐसे में एक भरोसेमंद, सस्ता और टिकाऊ साधन सिर्फ़ सुविधा नहीं, बल्कि भविष्य की कुंजी बन जाता है। इसी ज़रूरत को समझते हुए Tata Motors ने एक ऐसा कदम उठाया है, जो सिर्फ़ एक प्रोडक्ट लॉन्च नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश है।
टाटा का यह नया Urban Electric Scooter खासतौर पर गरीब और जरूरतमंद छात्रों शहरी और सेमी-अर्बन इलाकों कम खर्च, ज्यादा फायदा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह स्कूटर उन छात्रों के लिए है जिनके सपने बड़े हैं, लेकिन साधन सीमित।
यह कीमत उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो आज भी पेट्रोल के बढ़ते दामों से डरते हैं।
इस स्कूटर की सबसे बड़ी ताकत है इसकी 200 किलोमीटर तक की रेंज (एक बार चार्ज में)
इसका मतलब:
सब कुछ बिना बार-बार चार्ज की चिंता के।
यह कोई लग्ज़री स्कूटर नहीं, बल्कि ज़रूरत का साथी है।
टाटा समूह ने साफ संकेत दिया है कि यह प्रोजेक्ट
कंपनी का उद्देश्य है कि
“कोई भी छात्र सिर्फ़ इसलिए पीछे न रह जाए, क्योंकि उसके पास आने-जाने का साधन नहीं है।”
यह स्कूटर सिर्फ़ बैटरी और पहियों का मेल नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों के लिए रफ्तार से भरा भरोसा है, जो रोज़ मुश्किलों से लड़कर पढ़ाई कर रहे हैं। कम कीमत, लंबी रेंज और बड़ा सपना यही है टाटा अर्बन इलेक्ट्रिक स्कूटर।