मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया गया। बहन-भाई के प्यार का प्रतीक इस त्योहार को लेकर घर-घर में व्यापक तैयारियां की गई थी। गुरुवार को सुबह लोग स्नान कर देवी देवताओं की पूजा अर्चना किया। इसके उपरांत बहनों ने भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांधकर जन्म जन्म तक सुख-दुख में साथ निभाने का वचन भाइयों से लिया।
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वहीं भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर हमेशा साथ निभाने का वादा किया। घर के बुढे- बुजुर्गों का पैर छूकर आशिर्वाद लिया। दोपहर में अधिकांश बहनों ने भाई की कलाई पर राखी सजाई और उपहार पाकर अपनों के साथ खुशियां मनाई ।रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा एक्साइटेड बच्चे रहे। सुबह से ही भाई-बहन इसे लेकर हालचाल करते नजर आए। इसके अलावा मिलने वाले उपहारों का इंतजार बच्चों को रहा। साथ ही मनपसंद के पकवान और घूमने जाने का मौका भी बच्चों के लिए रोमांच भरा था।
रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा खुश बच्चे ही नजर आएं। मसूरी भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने बताया कि रक्षाबंधन भाई बहन के प्यार को अटूट बंधन मे बांधने का कार्य करती है। वह समाज मे समरसता का भाव जगाती है। हम रक्षाबंधन इसलिए मनाते हैं कि समाज की रक्षा कर सकें। एक-दूसरे के सुख-दुख के सहयोगी बन सकें। जिस प्रकार कृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा की थी।
पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल ने बताया कि भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक यह पर्व बहनों के मान-सम्मान की सुरक्षा का पर्व है। भाई बहन का रिश्ता एक साथ होने का एहसास और एक ऐसा धागा है जो जीवन को एक दूसरे से जोड़ देता है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर संकल्प लेने की जरूरत है कि हम अपनी बहन बेटियों को समाज में आगे बढ़ाएंगे और उनकी रक्षा करेंगे।
देहरादून में भी भाई-बहन के खूबसूरत और प्यार भरे रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। रक्षाबंधन पर बहनों ने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनसे अपनी रक्षा का वादा लीं। बदले में भाई उन्हें तोहफा दिया। प्यार के बंधन में बंधी राखी को भाई अपने पास बड़े प्यार से संभालकर रखते हैं। राजधानी देहरादून में भी रक्षाबंधन का त्यौहार धूमधाम के साथ मनाया गया।