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पीलीभीत सदर में मतदाता सूची में कथित हेरफेर पर UP कांग्रेस हमलावर, चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग

By HO BUREAU 

Updated Date

UP Congress goes on the offensive over alleged manipulation of the electoral roll in Pilibhit Sadar

आगामी चुनावों के मद्देनजर वोट चोरी के कथित मुद्दे को कांग्रेस देश और प्रदेशों में भुनाने में जुट गई है। इसी कड़ी में पीलीभीत सदर में वोट चोरी और EPIC नंबर में हेरफेर को लेकर UP कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस पार्टी के नेता राजेंद्र पाल गौतम, आराधना मिश्रा, सुप्रिया श्रीनेत और इमरान मसूद ने इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग को जमकर आड़े हाथ लिया और इस मामले को कोर्ट तक ले जाने की बात कही है।

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जुलाई से सितंबर के बीच सामने आए आँकड़ों को लेकर कांग्रेस हमलावर

आपको बता दें, UP कांग्रेस कमेटी के प्रभारी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग एडवोकेट राजेंद्र पाल गौतम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीलीभीत सदर में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि जुलाई से सितंबर के बीच सामने आए आँकड़ों के अनुसार, 13,150 मतदाताओं के EPIC एवं सीरियल नंबर समान रहने के बावजूद उनके नाम बदलने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, 884 ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए जाने और 26 ऐसे मतदाताओं के नाम जोड़े जाने का मामला भी उठाया गया, जिनके संबंध में सवाल खड़े हुए हैं।

राजेंद्र पाल गौतम ने ये सवाल किया कि यदि एक विधानसभा में इस तरह की अनियमितताएँ सामने आ रही हैं, तो उत्तर प्रदेश की अन्य विधानसभाओं में मतदाता सूची की स्थिति क्या है? उन्होंने चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और इन गंभीर आरोपों पर जवाब देने की मांग की। मताधिकार की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है। SIR प्रक्रिया में अनियमितताओं पर कांग्रेस उठाएगी आवाज़, मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर होगी लड़ाई।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मतदाता सूची से नाम गायब होने के मुद्दे को गंभीर बताते हुए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वोटर आईडी कार्ड होने के बावजूद मतदान के दिन मतदाता का नाम सूची में न मिलना बेहद चिंताजनक है। इस मुद्दे पर कानूनी राय ली जाएगी और SIR प्रक्रिया से जुड़ी आपत्तियों को लेकर कांग्रेस का संगठन, कार्यकर्ता एवं पूरा कैडर अपनी लड़ाई जारी रखेगा। आराधना मिश्रा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार एवं उनकी टीम की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मतदाता सूची की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मतदाता का अधिकार सर्वोपरि है। लोकतंत्र में हर योग्य नागरिक के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पीलीभीत सदर विधानसभा की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि समान EPIC नंबर पर मतदाता का नाम और पिता का नाम बदले जाने के कई मामले सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि पीलीभीत सदर में ऐसे 13,150 मामले हैं और सवाल किया कि यदि मतदाता सूची में इस तरह के बदलाव हुए हैं, तो वे किसके निर्देश पर और किस प्रक्रिया के तहत किए गए।

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सुप्रिया श्रीनेत ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए मतदाताओं से भी अपील की कि वे आयोग की वेबसाइट पर अपना EPIC नंबर डालकर मतदाता सूची में अपना नाम एवं विवरण अवश्य जाँचें। साथ ही, उन्होंने ऐसे मामलों की अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी जाँच की आवश्यकता पर जोर दिया। ‘वन पर्सन, वन वोट’ का सिद्धांत सुरक्षित रहना चाहिए। मतदाता सूची की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है।

मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सवाल उठाते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने पीलीभीत के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मतदाता सूची की बारीकी से जाँच कर कथित विसंगतियों को सामने लाया है। कांग्रेस पार्टी इस मामले को लेकर अदालत का रुख भी करेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य विवरण अवश्य जाँचें तथा अपने मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक रहें। लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची में पारदर्शिता और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा आवश्यक है।

Satyam Kushwah

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इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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