1. हिन्दी समाचार
  2. बड़ी खबर
  3. Onion Price: मई-जून में प्याज महंगा क्यों होता है? जानें कीमत बढ़ने की असली वजह

Onion Price: मई-जून में प्याज महंगा क्यों होता है? जानें कीमत बढ़ने की असली वजह

हर साल मई-जून में प्याज की कीमतें (Onion Price) क्यों बढ़ जाती हैं? जानें सप्लाई, मौसम, भंडारण और जमाखोरी से जुड़ी पूरी वजह और पिछले वर्षों के उदाहरण।

By HO BUREAU 

Updated Date

Onion Price: हर साल जैसे ही गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है, बाजार में प्याज की कीमतों (Onion Price) में उछाल देखने को मिलता है। खासतौर पर मई और जून के महीनों में प्याज आम आदमी की थाली पर भारी पड़ने लगता है। यह समस्या नई नहीं है, बल्कि हर वर्ष लगभग इसी समय दोहराई जाती है।

पढ़ें :- Atal Pension Yojana में बड़ा बदलाव! अब मिल सकती है 10,000 रुपये तक पेंशन… जानें पूरी खबर

इसका सबसे बड़ा कारण है सप्लाई चेन में असंतुलन

भारत में प्याज की मुख्य फसल रबी सीजन (मार्च-अप्रैल) में तैयार होती है, जिसे लंबे समय तक भंडारण (storage) में रखा जाता है। लेकिन मई-जून तक आते-आते भंडारित प्याज की गुणवत्ता गिरने लगती है और स्टॉक कम होने लगता है। इसी कारण बाजार में आपूर्ति घटती है और कीमतें बढ़ने लगती हैं।

दूसरा बड़ा कारण है मौसम

गर्मी और उमस के कारण प्याज जल्दी खराब होता है। अगर भंडारण की व्यवस्था बेहतर न हो, तो बड़ी मात्रा में प्याज खराब हो जाता है। इससे बाजार में उपलब्धता और घट जाती है। अगर पिछले वर्षों पर नजर डालें, तो 2019 में जून के आसपास प्याज की कीमत 20-25 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 60-70 रुपये तक पहुंच गई थी। वहीं 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान सप्लाई चेन बाधित होने से कीमतों में और ज्यादा तेजी आई। 2022 में भी मई-जून के दौरान कई राज्यों में कीमतें 50 रुपये प्रति किलो से ऊपर चली गई थीं।

जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों के अनुसार, जमाखोरी (hoarding) भी एक अहम कारण है। कुछ व्यापारी कम सप्लाई के समय स्टॉक रोक लेते हैं ताकि बाद में ऊंचे दाम पर बेच सकें। हालांकि सरकार समय-समय पर छापेमारी और स्टॉक लिमिट जैसे कदम उठाती है, लेकिन पूरी तरह नियंत्रण कर पाना आसान नहीं होता।

सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) के माध्यम से बफर स्टॉक बनाने और सस्ती दरों पर प्याज बेचने की कोशिश की जाती है, जिससे आम जनता को राहत मिल सके। इसके बावजूद, मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बिगड़ने पर कीमतों में उछाल आ ही जाता है।

पढ़ें :- Pahalgam Attack Story: चीखों और गोलियों से टूटी कश्मीर की शांति

यह भी पढ़ें: मई-जून में प्याज महंगा क्यों होता है?

कुल मिलाकर, मई-जून में प्याज की कीमत बढ़ने के पीछे प्राकृतिक, आर्थिक और प्रबंधन से जुड़े कई कारण होते हैं। जब तक भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक हर साल यह समस्या यूं ही बनी रहने की संभावना है।

✍️सपन दास 

देश और दुनिया की बाकी तमाम खबरों के लिए हमें फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें.

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com