कोलंबो, 13 मई। श्रीलंका में जारी आर्थिक व राजनीतिक गतिरोध के बीच रानिल विक्रमसिंघे को नया प्रधानमंत्री बनाया गया है। वे पहले भी चार बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री रह चुके हैं।
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श्रीलंका में भीषण आर्थिक संकट को लेकर हुए जनांदोलन ने राजनीतिक संकट भी पैदा कर दिया है। इसके बाद प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को इस्तीफा देना पड़ा था। पूरे श्रीलंका में हुई हिंसा के बाद संकट लगातार बना हुआ है। अब चार बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके रानिल विक्रमसिंघे को श्रीलंका का नया प्रधानमंत्री बनाया गया है। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
संसद में विक्रमसिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी के मात्र एक सांसद है। इसके बावजूद अच्छे राजनीतिक प्रशासक की छवि के कारण उन्हें संयुक्त सरकार का प्रधानमंत्री बनाया गया है।
इस बीच श्रीलंका की एक अदालत ने महिंदा राजपक्षे और उनकी पार्टी के 12 अन्य नेताओं के देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। श्रीलंका में पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे के बाद से भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। पूरे देश में इस समय सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं। संकट के बीच प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले महिंदा राजपक्षे अपने करीबियों पर हमले के मद्देनजर एक नौसेना अड्डे पर सुरक्षा घेरे में हैं।
#SriLankaCrisis: 5 बार पूर्व पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने ली श्रीलंका प्रधानमंत्री पद की शपथ।
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राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कोलंबो में यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता को शपथ दिलाई।
राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर 17 मई को बहस होगी।@RW_UNP #Oath pic.twitter.com/Gwjv6g1bXx — India Voice (@indiavoicenews) May 13, 2022