1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. गाजियाबाद त्रासदी: कोरियाई ‘लव गेम’ की लत ने तीन बहनों की जान ली

गाजियाबाद त्रासदी: कोरियाई ‘लव गेम’ की लत ने तीन बहनों की जान ली

गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना में तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस जांच में सामने आया कि ये बहनें एक ऑनलाइन कोरियाई गेम की इतनी आदी हो गई थीं कि उन्होंने इसे अपनी जिंदगी से भी ज्यादा महत्वपूर्ण मान लिया था।

By HO BUREAU 

Updated Date

गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना में तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस जांच में सामने आया कि ये बहनें एक ऑनलाइन कोरियाई गेम की इतनी आदी हो गई थीं कि उन्होंने इसे अपनी जिंदगी से भी ज्यादा महत्वपूर्ण मान लिया था। यह घटना डिजिटल युग में बच्चों की मानसिक सुरक्षा और माता-पिता की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पढ़ें :- BREAKING: अमेरिका ने भारत के लिए टैरिफ दर 50% से घटाकर 18% कर दी- बड़े व्यापार समझौते ने चीन को भी पीछे छोड़ा

घटना का विवरण

बुधवार तड़के साहिबाबाद क्षेत्र के तीला मोर थाना अंतर्गत भारत सिटी टावर में यह दुखद घटना हुई। निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) नामक तीनों बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से छलांग लगा दी। सुबह करीब 2.15 बजे पुलिस को सूचना मिली। घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि बहनें जमीनी तल पर गिर गई थीं और उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। एंबुलेंस द्वारा उन्हें लोनी के 50 बिस्तरों वाले अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कोरियाई ‘लव गेम’ क्या है

कोरियाई ‘लव गेम’ एक ऑनलाइन, कार्य-आधारित इंटरैक्टिव गेम है। पुलिस के अनुसार, लड़कियां कोविड-19 काल से ही इस गेम को अत्यधिक खेल रही थीं। यह गेम कोरियाई संस्कृति से प्रभावित है और इसमें विभिन्न कार्य पूरे करने होते हैं। बहनों का इस गेम के प्रति लगाव इतना गहरा हो गया था कि वे इससे अलग होने की कल्पना भी नहीं कर सकती थीं।

पिता का दर्दनाक बयान

नाबालिगों के पिता चेतन कुमार ने बताया कि लड़कियां इस गेम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थीं। उन्होंने कहा, “उन्होंने मुझसे कहा था, ‘पापा, हम कोरियन को नहीं छोड़ सकते। कोरियन हमारी जिंदगी है। कोरियन हमारे लिए सब कुछ है। आप हमें इससे अलग नहीं कर सकते। हम अपनी जान दे देंगे।’ मैंने अभी सुसाइड नोट देखा है। यह बहुत दुखद है। मैं सभी माता-पिता से अपील करता हूं कि सावधान रहें और सुनिश्चित करें कि बच्चे गेम से इतनी गहराई से न जुड़ें।”

पुलिस जांच के निष्कर्ष

डीसीपी ट्रांस-हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि उन्हें एक सुसाइड नोट मिला जिसमें किसी विशेष ऐप का नाम नहीं था, लेकिन यह स्पष्ट था कि तीनों लड़कियां कोरियाई संस्कृति से प्रभावित थीं। एसीपी अतुल कुमार सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि माता-पिता ने लड़कियों के लगातार गेमिंग पर आपत्ति जताई थी। तीनों हर काम साथ करती थीं – नहाने, खाने, सोने से लेकर स्कूल जाने तक।

पढ़ें :- Budget 2026 का गहराई से विश्लेषण: टैक्स से लेकर विकास तक, किसे मिला क्या?

स्कूल छोड़ने और अलगाव का परिणाम

पुलिस ने बताया कि लड़कियों ने कोविड-19 काल से स्कूल नहीं जाया था और अक्सर गेम खेलती रहती थीं। उनकी गेम पर बढ़ती निर्भरता परिवार के लिए चिंता का विषय बन गई थी। सामाजिक अलगाव और वास्तविक दुनिया से कटाव ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया।

डिजिटल युग में माता-पिता की जिम्मेदारी

यह त्रासदी डिजिटल युग में माता-पिता की भूमिका की महत्ता को रेखांकित करती है। बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना, उनके साथ संवाद बनाए रखना और गेमिंग के लिए समय सीमा तय करना आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों से परामर्श लेना भी जरूरी हो सकता है जब बच्चे किसी गतिविधि के प्रति अत्यधिक लगाव दिखाएं। यह घटना एक चेतावनी है कि प्रौद्योगिकी का दुरुपयोग जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है।

✍️सपन दास  

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com