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Assembly Elections 2022: पांचों राज्यों में 15 जनवरी तक रोड शो और पदयात्रा पर रोक, रात 8 बजे से कैंपेन कर्फ्यू

पांचों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में सर्विस मतदाताओं को​ मिलाकर 18.34 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। जिनमें से 8.55 करोड़ महिला मतदाता हैं।

By इंडिया वॉइस 

Updated Date

नई दिल्ली, 08 जनवरी। चुनाव आयोग ने पांचों राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है। इसके तहत निर्वाचन आयोग ने कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिसके तहत पांचों चुनावी राज्यों में रोड शो, पदयात्रा, साइकल या वाहन रैली पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा रात 8 से सुबह 8 बजे तक कैंपेन कर्फ्यू लागू रहेगा। ये प्रतिबंध 15 जनवरी तक लागू रहेंगे।

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चुनाव आयोग ने जारी किए दिशानिर्देश

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि पांचों राज्यों में 15 जनवरी तक रैली, रोड शो, पदयात्रा, साइकिल रैली, बाइक रैली और जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को फिजिकल चुनावी रैलियों की इजाजत नहीं दी जाएगी। किसी नुक्कड़ सभा का आयोजन भी नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही चुनाव में जीत के बाद भी जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया गया है। डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए केवल 5 लोग ही जा सकेंगे। 15 जनवरी के बाद हालात का जायजा लेकर चुनाव आयोग आगे फैसला लेगा।

7 चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव

बतादें कि पांचों राज्यों में 7 चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश में पहले दौर का मतदान 10 फरवरी को होगा। 14 फरवरी को दूसरा चरण, तीसरा चरण 20 फरवरी, 23 फरवरी को चौथा चरण, 5वां चरण 27 फरवरी, 3 मार्च को छठवां चरण और 7 मार्च को अंतिम चरण होगा। 10 मार्च को चुनावों के नतीजे घोषित किए जाएंगे। पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में मतदान पूरे होंगे। वहीं, मणिपुर में 2 चरणों में मतदान होगा। मणिपुर में 27 फरवरी को पहले और 3 मार्च को अंतिम दौर का मतदान होगा। सभी राज्यों में 10 मार्च को मतगणना होगी।

सभी चुनाव अधिकारी और कर्मचारी फ्रंटलाइन वर्कर

बतादें कि होने वाले विधानसभा चुनावों में सर्विस मतदाताओं को​ मिलाकर 18.34 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। जिनमें से 8.55 करोड़ महिला मतदाता हैं। वहीं 80 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग व्यक्ति और कोविड-19 पॉजिटिव व्यक्ति पोस्टल बैलेट से मतदान कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने सभी चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर माना है और सभी पात्र अधिकारियों को प्रीकोशनरी डोज़ लगाई जाएगी।

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