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Civil Services Day : देश की अखंडता और एकता से कोई समझौता नहीं- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री ने पुरस्कार विजेताओं से कहा कि वो विदेश मंत्रालय और पुलिस विभाग सहित देशभर में स्थित सिविल सेवा से जुड़े तमाम प्रशिक्षण संस्थानों में ट्रेनिंग ले रहे प्रशिक्षुओं को हर सप्ताह एक से डेढ़ घंटे का समय निकालकर वर्चुअल माध्यम से अपने अनुभव साझा करें।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली, 21 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरूवार को सिविल सेवा दिवस पर राष्ट्र प्रथम के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि हम देश की अखंडता और एकता से कोई समझौता नहीं कर सकते।

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हमारे सभी प्रयास राष्ट्र प्रथम और भारत प्रथम से जुड़े होने चाहिए- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी विज्ञान भवन में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए 16 अधिकारियों को प्रधानमंत्री पुरस्कार देने के बाद संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में कई विचारधाराएं हो सकती हैं, लेकिन हमें हमेशा देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना है। देश की एकता को ध्यान में रखते हुए ही फैसले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम के मंत्र के साथ राष्ट्र का सद्भाव और अखंडता बनाए रखें। हमारे सभी प्रयास राष्ट्र प्रथम और भारत प्रथम से जुड़े होने चाहिए।

हमारी मुख्य जिम्मेदारी देश की एकता और अखंडता- पीएम

सिविल सेवकों को लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के लिए 3 लक्ष्य देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में हैं और हमारे सामने 3 लक्ष्य साफ-साफ होने चाहिए। पहला लक्ष्य है कि देश में सामान्य से सामान्य मानवी के जीवन में बदलाव आए, उसके जीवन में सुगमता आए और उसे इसका एहसास भी हो। उन्होंने कहा कि दूसरे लक्ष्य है कि आज हम कुछ भी करें, उसको वैश्विक सन्दर्भ में करना समय की मांग है। प्रधानमंत्री ने तीसरे लक्ष्य को लेकर कहा कि व्यवस्था में हम कहीं पर भी हों, लेकिन जिस व्यवस्था से हम निकले हैं, उसमें हमारी मुख्य जिम्मेदारी देश की एकता-अखंडता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की महान संस्कृति की ये विशेषता है कि हमारा देश राज व्यवस्थाओं और राज सिंहासनों से नहीं बना है। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के सामर्थ्य को लेकर चलने की हमारी हजारों साल की परंपरा रही है। आजादी के अमृत महोत्सव में जब देश आजादी के 75 साल मना रहा है ऐसे में ये आयोजन विशेष है।

प्रधानमंत्री ने पुरस्कार विजेताओं से कहा कि वो विदेश मंत्रालय और पुलिस विभाग सहित देशभर में स्थित सिविल सेवा से जुड़े तमाम प्रशिक्षण संस्थानों में ट्रेनिंग ले रहे प्रशिक्षुओं को हर सप्ताह एक से डेढ़ घंटे का समय निकालकर वर्चुअल माध्यम से अपने अनुभव साझा करें। उन्होंने कहा कि अगर प्रत्येक सप्ताह ऐसे दो पुरस्कृत अधिकारियों से चर्चा होगी तो आने वाली नई पीढ़ी के अधिकारियों को उनके अनुभवों से काफी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसा करना अधिकारियों को लिए भी लाभप्रद होगा और वे इससे जुड़े रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मैं चाहूंगा कि आजादी के इस अमृत काल में आप अपने डिस्ट्रिक्ट में जो पहले कलेक्टर के रूप में काम करके गए हैं, एक बार अगर हो सके तो उनका मिलने का कार्यक्रम बनाइये। आपके पूरे जिले के लिए वो एक नया अनुभव होगा। इसी तरह राज्यों में जो चीफ सेक्रेटरी के रूप में कार्य करके गए हैं, एक बार राज्य के मुख्यमंत्री उन सबकों बुला लें। देश के प्रधानमंत्री, जितने भी कैबिनेट सेक्रेटरी रहे हैं उनकों बुला लें।

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