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हरियाणाः गुरुग्राम में सीएम मनोहर लाल ने किया एकमुश्त व्यवस्थापन योजना का शुभारंभ

गुरुग्राम के सेक्टर 44 अप्रैल हाउस में आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा वन टाइम सेटलमेंट की कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। इस मौके पर उनके साथ हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी मौजूद रहे।

By Rakesh 

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गुरुग्राम। गुरुग्राम के सेक्टर 44 अप्रैल हाउस में आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा वन टाइम सेटलमेंट की कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। इस मौके पर उनके साथ हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत की और मुश्त व्यवस्थापन-2023 योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के व्यापारी व कारोबारी वर्ग की जीएसटी लागू होने से पहले TAX के लंबित अदायगी के मामलों के समाधान की मांग को पूरा करते हुए आबकारी एवं कराधान विभाग के माध्यम से एक मुश्त व्यवस्थापन-2023 (ओटीएस) योजना का गुरुग्राम से शुभारंभ किया।

इस योजना के तहत पहली जनवरी 2024 से 30 मार्च, 2024 की अवधि में सात अलग-अलग कर अधिनियमों से संबंधित मामलों में लंबित करों की अदायगी में ब्याज और जुर्माने में छूट के साथ चार श्रेणी निर्धारित करते हुए करों की अदायगी की जा सकेगी। ये सात कर अधिनियम जीएसटी लागू होने से पहले प्रभावी थे।

जीएसटी प्रशिक्षण संस्थान खोलने की घोषणा 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा), गुरुग्राम के साथ मिलकर जीएसटी प्रशिक्षण संस्थान भी खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आबकारी एवं कराधान विभाग की एकमुश्त व्यवस्थापन स्कीम की घोषणा करते हुए कहा कि यह स्कीम विभाग की 30 जून 2017 तक की अवधि के तहत बकाया टैक्स राशि के निपटान का अवसर प्रदान करेगी।

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उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत वैल्यू एडेड टैक्स यानि वैट की सात अलग अलग टैक्स  समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा। जिसमें हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003, केन्द्रीय विक्रय कर अधिनियम, 1956,  हरियाणा स्थानीय क्षेत्र विकास कर अधिनियम, 2000,  हरियाणा स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश पर कर अधिनियम, 2008,  हरियाणा सुख साधन कर अधिनियम, 2007,  पंजाब मनोरंजन शुल्क अधिनियम, 1955,  (1955 का पंजाब अधिनियम 16), हरियाणा साधारण विक्रय कर अधिनियम, 1973 अधिनियम शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओटीएस योजना के तहत टैक्स राशि को चार कैटेगरी में विभाजित किया गया है। जिसमें स्वीकृत शुल्क श्रेणी में ऐसे शुल्क को शामिल किया गया है जिसमें कोई विवाद नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस श्रेणी के तहत टैक्स पेयर को बिना किसी जुर्माना व ब्याज राशि के सौ प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा। वहीं विवादित कर कैटेगरी के तहत 50 लाख रुपए से कम की आउटस्टैंडिंग राशि पर 30 प्रतिशत व 50 लाख से अधिक राशि की आउटस्टैंडिंग पर करदाता को 50 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा। ओटीएस स्कीम की तीसरी श्रेणी निर्विवादित कर के तहत विभाग द्वारा जो टैक्स बनाया गया है व इसमे करदाता की ओर से कोई अपील नहीं की गई। ऐसी टैक्स आउटस्टैंडिंग में 50 लाख रुपए से कम टैक्स  राशि पर 40 प्रतिशत व 50 लाख से ऊपर राशि होने पर 60 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। इस श्रेणी में भी टैक्स पेयर को जुर्माना व ब्याज राशि मे राहत दी गई है।

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