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देश में मंकीपॉक्स का मिला पहला केस, दिल्ली में जारी किया अलर्ट

केरल से मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया है, इसे देश का पहला मंकीपॉक्स का मामला बताया गया है। दिल्ली सरकार ने अस्पताल प्रशासन को मंकीपॉक्स के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिये हैं।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली, 16 जुलाई 2022। Monkeypox: देश में मंकीपॉक्स का पहला मामले सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने इससे बचने के लिए अस्पताल को अलर्ट कर दिया है। दिल्ली में मंकीपॉक्स के मामलों से निपटने के लिए लोक नायक अस्पताल को नोडल सेंटर बनाया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल तो दिल्ली में इस बीमारी का केस नहीं मिला है। लेकिन दिल्ली सरकार ने इस बीमारी के लिए अस्पतालों को अलर्ट पर रहने की बात कही है। साथ ही मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाने के भी निर्देश जारी किये गये हैं।

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देश में मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया है। जानकारी मिली है कि केरल के कोल्लम जिले में  मंकीपॉक्स का पहला मरीज मिला है। कोल्लम जिले के 35 वर्षीय व्यक्ति के अंदर मंकीपॉक्स के लक्षण दिखाई दिये हैं। लोक नायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार के अनुसार अस्पताल में डॉक्टरों व कर्मचारियों को मंकीपॉक्स से जुड़ी हुई ट्रेनिंग दी जा रही है।

क्या है मंकीपॉक्स

मंकीपॉक्स एक संक्रमित बीमारी है। इसमें चेचक की तरह ही लक्षण दिखाई देते हैं। लेकिन वह काफी हल्के होते हैं। शुरुआती दौर में मरीज को बुखार, पीठ दर्द, तेज से सिर में दर्द, मांसपेशियों में दर्द और त्वचा का फटना जैसे लक्षण मरीज में दिखाई देते हैं। फिलहाल तो इस बीमारी का कोई इलाज नहीं हैं, रोग का पता भी उसके लक्षण सामने आने के बाद ही पता चल पाता है।

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चिकित्सकों का कहना है कि यदि संक्रमण को फैलने से देश को बचाना है तो मंकीपॉक्स से प्रभावित देशों से आने वाली फ्लाइटों के लोगों की ठीक से जांच होनी चाहिए। सरकार की ओर से इस बीमारी के लक्षणों वाले पोस्टर लागने चाहिए। साथ ही संक्रमित यात्री इस बीमारी का टेस्ट कराने के लिए आगे आएं। सही समय पर आइसोलेशन से बीमारी की संक्रमण दर को रोका जा सकता है।

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