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रुपये में आज भारी गिरावट देखने को मिली, डॉलर के मुकाबले पहली बार पार किया 81 का स्‍तर

लगातार दूसरे दिन रुपये में देखने को मिली भारी गिरावट, आज शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 62 पैसे गिरकर 81.09 के स्तर पर पहुंच गया. रुपया इसके साथ ही अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है.

By रुचि उपाध्याय 
Updated Date

Dollar vs Rupee: लगातार दूसरे दिन रुपए में भारी गिरावट, आज शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 62 पैसे गिरकर 81.09 के स्तर पर पहुंच गया. रुपया इसके साथ ही अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और आगे भी सख्त रुख बनाए रखने के स्पष्ट संकेत से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।

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जानकारी के अनुसार कल यानी बृहस्पतिवार को रुपये 90 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 80.86 प्रति डॉलर (अस्थायी) के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था. विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि फेडरल रिजर्व के दरों में बढ़ोतरी करने और यूक्रेन में भूराजनीतिक तनाव बढ़ने की वजह से निवेशक जोखिम उठाने से बच रहे हैं. वहीं विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा की मजबूती, घरेलू शेयर बाजार में गिरावट और कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी भी रुपये को प्रभावित कर रही है.

बता दें कि शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 2,509.55 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 80.27 पर खुला दिन में कारोबार के दौरान यह और गिरकर 80.95 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया. अंत में यह 80.86 पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव के मुकबले 90 पैसे की गिरावट दर्शाता है. फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी की।

सूत्रों से मिली जन्नकारी के अनुसार, विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि अब सारा ध्यान बैंक ऑफ जापान तथा बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति पर रहेगा. छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को आंकने वाला डॉलर सूचकांक 0.38 प्रतिशत बढ़कर 110.06 पर पहुंच गया. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और रूस तथा यूक्रेन के बीच भूराजनीतिक तनाव और बढ़ने से प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में तेजी आई. अन्य एशियाई मुद्राओं की तरह रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. परमार ने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था में मजबूती आने के बाद भी रुपये में गिरावट का मौजूदा रुख जारी रह सकता है.

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